शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

तीसरी भाषा को कक्षा 6 से शुरू किया जाना चाहिए- जस्टिस नागरत्ना

C

CG Khabar

16 जुल. 2026, 07:41 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

जस्टिस नागरत्ना
जस्टिस नागरत्ना

नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने तीन-भाषा फॉर्मूले के तहत कक्षा 9 में तीसरी भाषा (R3) शामिल करने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त की है. न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की अगुवाई वाली पीठ ने तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय खोलने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से मौखिक अपील की कि वे ऐसा कदम न उठाएं. 


अदालत का मानना है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं से ठीक एक साल पहले 9वीं कक्षा में नई भाषा शुरू करना बच्चों के लिए अत्यधिक तनावपूर्ण साबित होगा.


न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि तीसरी भाषा को कक्षा 6 से शुरू किया जाना चाहिए और कक्षा 9 में आकर इसे बंद कर देना चाहिए, न कि इसे 9वीं से शुरू किया जाए. उन्होंने अपने स्कूली दिनों (1976) का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय भी कक्षा 10 की पढ़ाई 8वीं से ही शुरू करा दी जाती थी, तो आज के दौर में बच्चों पर मानसिक दबाव का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.


यह सुनवाई तमिलनाडु में नवोदय स्कूल खोलने को लेकर दायर याचिकाओं पर हो रही थी. पिछली द्रमुक (DMK) सरकार ने राज्य की दो-भाषा नीति का हवाला देते हुए नवोदय स्कूलों के तीन-भाषा फॉर्मूले (हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा) का विरोध किया था और इसे पिछले दरवाजे से हिंदी थोपने का प्रयास बताया था. 


हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की नई 'तमिलगा वेट्री कषगम' (TVK) सरकार को सलाह दी है कि वे अपने राज्य की अलग शिक्षा प्रणाली रखते हुए भी बच्चों को नवोदय स्कूलों के लाभ से वंचित न करें.


अदालत ने स्पष्ट किया कि तीन-भाषा योजना के तहत हिंदी अनिवार्य नहीं है. बच्चे संस्कृत या किसी अन्य भाषा का विकल्प भी चुन सकते हैं. 


इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 के अपने आदेश का पालन करते हुए नवोदय विद्यालयों के लिए जमीन आवंटित करने के मुद्दे पर राज्य सरकार को विभिन्न हितधारकों से बातचीत करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP