केरल सीएम के लिये शशि थरूर सबसे लोकप्रिय: सर्वे
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर को केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के मुख्यमंत्री पद के लिये सबसे पसंदीदा उम्मीदवार माना जा रहा है. वोट वाइब सर्वे एजेंसी द्वारा किये गये एक ताजा सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है.
सर्वे के अनुसार, 28.3 प्रतिशत लोगों ने थरूर को यूडीएफ के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया है, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है.
थरूर ने इस सर्वे के नतीजों को अपने एक्स हैंडल पर साझा करते हुए एक संयमित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने नमस्ते जोड़कर इस सर्वे को अपने समर्थक के एक पोस्ट के साथ साझा किया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन को भी टैग किया गया था.
समर्थक के पोस्ट में लिखा था, “शशि थरूर 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ के लिए मुख्यमंत्री पद की सबसे मजबूत पसंद के रूप में उभरे हैं.”
हालांकि, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने इस सर्वे को ज्यादा तवज्जो न देते हुये कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व के फैसले चुनाव परिणामों के बाद ही लिये जाते हैं. कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.
सर्वे में थरूर के पार्टी सहयोगियों को उनसे काफी पीछे दिखाया गया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को मात्र 4.2 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि वी.डी. सतीशन को 15 प्रतिशत और सनी जोसेफ को 2 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ. अन्य दावेदारों में रमेश चेन्निथला को 8.2 प्रतिशत और के. मुरलीधरन को 6 प्रतिशत समर्थन मिला है.
दूसरी ओर, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा 24.2 प्रतिशत समर्थन के साथ शीर्ष पर रहीं, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 17.5 प्रतिशत समर्थन के साथ पीछे रहे.
सर्वे में यह भी सामने आया कि केरल में विजयन और एलडीएफ सरकार के खिलाफ 47.9 प्रतिशत लोगों में तीव्र असंतोष है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर की लोकप्रियता कांग्रेस नेतृत्व के लिए कई चुनौतियां खड़ी कर सकती है, क्योंकि उनका पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंध तनावपूर्ण रहा है.
सर्वे में यूडीएफ को विकास के एजेंडे के लिए 38.9 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला, जबकि एलडीएफ को 27.8 प्रतिशत और बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 23.1 प्रतिशत समर्थन प्राप्त हुआ.
एनडीए की बढ़ती लोकप्रियता से यह संकेत मिलता है कि वह केरल में तीसरे विकल्प के रूप में उभर सकता है.