नारायणपुर में धर्मांतरण को लेकर तनाव, पुलिस बल तैनात
नारायणपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भंराडा गांव में कथित धार्मिक धर्मांतरण को लेकर उपजे विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. गांव में दो पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और शांति बहाली के लिए दोनों पक्षों से बातचीत कर रहे हैं.
यह पूरा विवाद बीते 9 जून से जारी है, जिसने अब एक बड़ा रूप ले लिया है. इस मामले में पुलिस ने हाल ही में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन इसके बावजूद गांव में माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है. विवाद के विरोध में कई आदिवासी संगठनों और सामाजिक समूहों ने प्रदर्शन भी किए हैं.
गांव के लगभग 26 परिवर्तित परिवारों का आरोप है कि उन पर गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि उन्हें अपने धर्म का पालन करने की आजादी नहीं दी जा रही है और यह कहा जा रहा है कि यदि वे गांव में रहना चाहते हैं, तो उन्हें अपना नया धर्म छोड़कर वापस पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों को अपनाना होगा.
धर्मांतरण करने वाले एक ग्रामीण गुड्डू राम कुमेटी ने बताया कि यह समस्या उनके द्वारा नया धर्म अपनाने के बाद शुरू हुई. उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द समाधान निकालने की गुहार लगाई है.
दूसरी तरफ, आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह विवाद धर्म का नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति और परंपराओं के अपमान का है.
आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे रनाय कुमेटी ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण करने वाले कुछ परिवार आदिवासी धार्मिक परंपराओं और सामाजिक आयोजनों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए गांव में रहने वाले हर व्यक्ति को आदिवासी रीति-रिवाजों और स्थानीय देवी-देवताओं का सम्मान करना चाहिए.