जयपुर में नीट-पीजी परीक्षा में तकनीकी खराबी, 5 सितंबर को होगा री-टेस्ट
जयपुर । डेस्क: जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर रविवार को आयोजित नीट-पीजी (NEET-PG) परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली. बिजली आपूर्ति बाधित होने और गंभीर तकनीकी कमियों के चलते 2,000 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए. इस घटना के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और केंद्रों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
NBEMS ने स्वीकारी अव्यवस्था, TCS को ठहराया जिम्मेदार
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने आधिकारिक नोटिस जारी कर माना कि जयपुर के सीतापुरा स्थित 'iON डिजिटल ज़ोन iDZ' केंद्रों पर परीक्षा पूरी नहीं हो सकी. बोर्ड ने इस विफलता और लॉजिस्टिक कमियों के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली नोडल एजेंसी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (M/s TCS Ltd) की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है.
30 अगस्त को देशभर में आयोजित हुई थी परीक्षा
NBEMS द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त को देशभर के 1,111 केंद्रों पर 2,73,096 पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए नीट-पीजी परीक्षा का आयोजन किया गया था. कुल 2,65,980 उम्मीदवार उपस्थित हुए, जिनमें से 2,63,535 अभ्यर्थी ही सफलतापूर्वक अपनी परीक्षा पूरी कर पाए, जबकि जयपुर केंद्र पर अव्यवस्था के कारण हजारों छात्र प्रभावित रहे.
5 सितंबर को दोपहर 3 बजे आयोजित होगी पुन: परीक्षा
अभ्यर्थियों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त करते हुए NBEMS ने प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है. यह री-टेस्ट 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे जयपुर के नए परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा. इसके लिए संशोधित एडमिट कार्ड और नए परीक्षा स्थल की जानकारी जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर साझा की जाएगी.
विशेषज्ञों ने उठाए सुरक्षा और तैयारी प्रोटोकॉल पर सवाल
आईआईटी खड़गपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग के पूर्व प्रोफेसर राजीव कुमार ने इस विफलता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन परीक्षा के लिए निर्बाध पावर बैकअप एक प्राथमिक शर्त होती है. NBEMS ने केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं की जांच से जुड़े अनिवार्य प्रोटोकॉल की अनदेखी की है. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
गौरतलब है कि जयपुर में किसी राष्ट्रीय परीक्षा में बिजली गुल होने की यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले 22 अगस्त को आयुष पोस्ट ग्रेजुएट (AIAPGET) परीक्षा के दौरान भी ऐसी ही अव्यवस्था सामने आई थी.