शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

सूरजपुर: SECL कोयला खदान विवाद, भूमि-बदले-भूमि की शर्त

C

CG Khabar

26 जुल. 2026, 05:46 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

कोयला
कोयला

अंबिकापुर । संवाददाता: सरगुजा के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र अंतर्गत मदननगर में प्रस्तावित एसईसीएल कोयला खदान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. हाल ही में पुलिस बल और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रभावित क्षेत्र के आसपास के पांच गांवों के प्रतिनिधियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की. 


इस महापंचायत में ग्रामीणों ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए एक बड़ी शर्त रखी है. उनका कहना है कि यदि उनकी जमीनों के नीचे कोयला है, तो वे गांव खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके बदले प्रशासन और एसईसीएल को उन्हें किसी अन्य स्थान पर उतनी ही कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराकर पूरी तरह सेटलमेंट देना होगा.


हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि एसईसीएल के वर्तमान भूमि अधिग्रहण नियमों में इस तरह 'जमीन के बदले जमीन' देने का कोई स्पष्ट प्रावधान मौजूद नहीं है. 


ग्रामीणों के इस कड़े रुख और डर के पीछे का मुख्य कारण दो दशक पुराना अनुभव है. लगभग 20 वर्ष पूर्व जब पास ही स्थित 'महान-3' खदान के लिए विस्थापन हुआ था, तब कई परिवारों को अपनी जमीन गंवानी पड़ी थी. सही पुनर्वास न होने के कारण कई परिवार पूरी तरह बिखर गए और आज वे आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं. 


इसके अलावा, क्षेत्र के लगभग 37 ऐसे परिवार भी हैं जिनकी पूरी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन उन्हें आज तक रोजगार नहीं मिल सका. इसी अनिश्चित भविष्य के भय से ग्रामीण नई खदान का विरोध कर रहे हैं.


विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब गांव में पुलिस बल के प्रवेश के बाद ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई, जिसके विरोध में अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर घंटों चक्काजाम रहा. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और गांव के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में मामले को शांत करने का प्रयास किया गया. 


ग्रामीणों के अनुसार, बातचीत के दौरान पुलिस प्रशासन ने गांव में अचानक बल प्रयोग की बात स्वीकार करते हुए स्थिति को संभालने की अपील की. इसके बाद ग्रामीणों ने भी सहयोग दिखाते हुए रोके गए वाहनों को निकालने में मदद की, लेकिन अपनी जमीनों और पुनर्वास की मांगों को लेकर उनका रुख अभी भी अडिग बना हुआ है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP