सूरजपुर: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे लाखों रुपये, एक गिरफ्तार
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रोजगार का सपना देख रहे एक सीधे-सादे ग्रामीण को ठगों के गिरोह ने अपना शिकार बना लिया. सूरजपुर के खड़गवां चौकी अंतर्गत माझापारा निवासी ललित राम को SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) में नौकरी लगवाने का लालच देकर आरोपियों ने उससे कुल 3.55 लाख रुपये ऐंठ लिए.
पीड़ित को झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी और खदान का बड़ा अधिकारी बताया था. मामले का खुलासा होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी निलेश पाल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है.
धोखाधड़ी का यह पूरा चक्रव्यूह तब शुरू हुआ जब पेंट-पुट्टी का काम करने वाले ललित राम की मुलाकात बिरयानी दुकान संचालक राशिद खान के जरिए निलेश पाल से हुई. खुद को पुलिस विभाग का हेड कॉन्स्टेबल बताने वाले निलेश ने ललित को विश्रामपुर कालरी में चपरासी और फिर डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया.
कम पढ़े-लिखे ललित की मजबूरी का फायदा उठाते हुए ठगों ने उसकी फर्जी शैक्षणिक मार्कशीट बनवाने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक के नाम पर किस्तों में मोटी रकम वसूल ली.
ठगी की इस साजिश में खुशबू पाल को कालरी का सब एरिया मैनेजर और हेमंत मिश्रा को डीईओ का बेटा बताकर फर्जी दबदबा बनाया गया था.
गत 23 जून को जब आरोपियों ने ललित को विश्रामपुर के अंबेडकर चौक पर बुलाकर एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया और आगे कागजी कार्यवाही के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की और मांग की, तब पीड़ित को अनहोनी का संदेह हुआ. पैसे वापस मांगने पर जब आरोपी टालमटोल करने लगे, तो पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी निलेश पाल को धर दबोचा, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.