बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष विकास रोडमैप
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए 'इरादे से प्रभाव' (Intent to Impact) की नीति पर आधारित एक विशेष विकास रोडमैप पेश किया है. उग्रवाद और पिछड़ेपन की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने केवल सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि स्थानीय युवाओं और अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक 'स्टिच्ड-तथा-डेवलपमेंट' पैकेज तैयार किया है.
इस योजना के तहत खेल, पर्यटन, परिवहन और पोषण जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश के जरिए जनजातीय क्षेत्रों की सूरत बदलने की तैयारी है.
बजट में सबसे अधिक ध्यान बस्तर-सरगुजा ओलंपिक पर केंद्रित किया गया है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान है. सरकार का लक्ष्य इस आयोजन के माध्यम से संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें विकास के साझा मंच पर लाना है.
इसके साथ ही, दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए 'मुख्यमंत्री बस सेवा योजना' हेतु 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो छात्रों, मरीजों और किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी.
आर्थिक स्वावलंबन के लिए बजट में 'छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति' पर जोर दिया गया है, ताकि वन क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिले और पर्यटन का लाभ सीधे ग्रामीणों की जेब तक पहुंचे.
आजीविका विविधीकरण के लिए बकरी पालन, सूअर पालन और मधुमक्खी पालन हेतु 15 करोड़ रुपये तथा कुपोषण से निपटने के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता हेतु 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में बस्तर की इंद्रावती नदी बैराज परियोजना शामिल है, जिसके लिए 2,024 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है, जो क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है.