सोनम वांगचुक ने लद्दाख हिंसा पर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की
नई दिल्ली । डेस्क: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आशंका जताई है कि उनके खिलाफ आवाज उठाने के कारण किसी "एनकाउंटर" में उनकी जान ली जा सकती है. लेह में पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा की पहली बरसी पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं, लेकिन देश को जगाने के लिए वे हर अंजाम का सामना करने को तैयार हैं.
वांगचुक ने पिछले साल राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की सुरक्षा की मांगों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस गोलीबारी में चार लोगों की मौत के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तुरंत इस्तीफे की मांग की है.
उन्होंने इस हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग रखी.
सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार जांच रिपोर्ट जारी नहीं करती है, तो मामले की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र "जन अदालत" का गठन किया जाएगा.
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया, लेकिन साथ ही लद्दाख हिंसा पर उनके मौन पर सवाल भी उठाए.
वांगचुक के अनुसार, लोकतंत्र और स्वाभिमान की उम्मीद में लद्दाख ने भारत को चुना था, लेकिन वर्तमान में वहां डर और दबाव का माहौल बना दिया गया है. दूसरी ओर, लद्दाख पुलिस ने वांगचुक के इन आरोपों को "झूठा, निराधार और भ्रामक" करार देते हुए कहा है कि किसी भी नागरिक को कार्यक्रम में भाग लेने से नहीं रोका गया और सुरक्षा व्यवस्था केवल यातायात एवं भीड़ प्रबंधन का हिस्सा थी.