सिलीगुड़ी में मानव तस्करी में छत्तीसगढ़ के दो गिरफ्तार
कोलकाता । डेस्क: सरकारी रेलवे पुलिस ने सिलीगुड़ी में मानव तस्करी मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर सोमवार रात कैपिटल एक्सप्रेस ट्रेन से 56 युवतियों को बचाये जाने के बाद की गई.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीरेंद्र प्रताप सिंह और मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और तस्करी रैकेट के प्रमुख सदस्य माने जा रहे हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर एक केंद्रीय सरकारी प्रशिक्षण परियोजना के नाम पर काम कर रहे थे और उत्तर बंगाल की कमजोर पृष्ठभूमि की युवतियों को बेंगलुरु में नौकरी का वादा कर लालच दे रहे थे.
इस मामले में शुरुआती गिरफ्तारी में जीतेंद्र कुमार पासवान और चंद्रिमा कर शामिल थे, जिन्हें बचाव अभियान के तुरंत बाद सिलीगुड़ी में पकड़ा गया था.
इन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को सिलीगुड़ी में भवेश मोरे तक सुराग मिला, जहां एक बहुमंजिला इमारत को सरकारी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा था.
इस इमारत पर ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना’ का साइनबोर्ड लगा था, जिसका इस्तेमाल युवतियों को लुभाने के लिये किया गया. यहां युवतियों को होटल प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का दावा किया जा रहा था.
बचाव अभियान की खबर मिलने के बाद, संगठन के कथित परियोजना समन्वयक बीरेंद्र प्रताप और संगठन के एक अन्य सदस्य मनोज कुमार छत्तीसगढ़ से सिलीगुड़ी पहुंचे और मंगलवार को भवेश मोरे के पास एक होटल में ठहरे.
बुधवार को, जीआरपी जीतेंद्र के साथ उस इमारत पर पहुंची और बीरेंद्र तथा मनोज के बारे में पता चला. दोनों को उसी दिन हिरासत में लिया गया और रात भर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
गुरुवार को, गिरफ्तार आरोपियों को जलपाईगुड़ी कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.