अमरीकी हथियार में भारी कमी, पेंटागन ने कंपनियों को दिया 21 दिनों का समय
नई दिल्ली । डेस्क: ईरान के साथ जारी पांच महीने लंबे संघर्ष के बीच अमरीका के रक्षा तंत्र में हथियारों की भारी कमी ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं. पेंटागन ने देश के रक्षा उद्योग को चेतावनी देते हुए मिसाइलों और आधुनिक हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया है. रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि युद्ध में इस्तेमाल होने वाले उन्नत इंटरसेप्टर मिसाइलों और गोला-बारूद के घटते स्टॉक को तुरंत भरना अमरीका की पहली प्राथमिकता बन चुका है.
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल के अनुसार, अमरीका अपने सैनिकों को तुरंत और आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया को गति दे रहा है. हालांकि, प्रशासन इसे पुरानी आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा बता रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सैन्य गतिविधियों के कारण पैट्रियट और थॉड (THAAD) जैसे महत्वपूर्ण एयर डिफ़ेंस सिस्टम के स्टॉक में 38 से 65 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है.
हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट द्वारा उजागर किए गए एक आंतरिक ज्ञापन में, उप रक्षा सचिव स्टीव फेनबर्ग ने रक्षा उद्योग के शीर्ष नेताओं को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और डिलीवरी शेड्यूल में तेजी लाने के लिए केवल 21 दिनों की समय-सीमा दी है. फेनबर्ग ने साफ शब्दों में कहा कि कई सालों तक चलने वाले विकास चक्र अब स्वीकार्य नहीं हैं और इस संकट से निपटने के लिए कार्यक्रम के शेड्यूल को तुरंत आगे बढ़ाना होगा.
एक तरफ जहां सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) जैसे थिंक-टैंक चेतावनी दे रहे हैं कि एयर डिफ़ेंस मिसाइलों की कमी से अमरीकी सेना और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों के लिए जोखिम काफी बढ़ गया है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इन रिपोर्टों को खारिज कर रहे हैं. ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमरीका के पास पर्याप्त मात्रा में हथियार मौजूद हैं और नए कारखानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर उत्पादन जारी है.
हालांकि, जानकारों का कहना है कि बजट और फंड मिलने के बाद भी अमरीका को अपने पुराने स्टॉक को बहाल करने में कम से कम तीन साल का समय लग सकता है. संसद में रक्षा बजट बिल के अटके होने से स्थिति और भी जटिल हो गई है, जिससे अमरीकी रक्षा तैयारी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.