राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद हिरासत से देर रात हुए रिहा
नई दिल्ली । डेस्क: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को सियासी घमासान में बदल गया. संसद भवन से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च निकाल रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और अन्य सांसद संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन (अखिल भारतीय रेडियो) परिसर में 9 घंटे लंबे धरने पर बैठ गए.
रात होते-होते दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराया और राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी समेत लगभग 50 सांसदों और 250 से अधिक कार्यकर्ताओं को जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया.
सभी को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया.
इस दौरान तब नया मोड़ आ गया जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन के गेट को लांघकर परिसर के भीतर दाखिल हो गईं, जहां राहुल गांधी और अन्य नेताओं को रखा गया था.
उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पुलिस लाइन परिसर में घुस गए. देर रात पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को रिहा कर दिया.