SECL: अब कोकिंग कोल के जरिए घटेगी विदेशों पर निर्भरता
बिलासपुर । संवाददाता: कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अब कोकिंग कोल के क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी कर ली है. कंपनी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 7.5 मिलियन टन (MT) कोकिंग कोल की क्षमता का आकलन किया है.
बैकुंठपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक बीएन झा ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के केवई ब्लॉक में 3 मिलियन टन, छत्तीसगढ़ की लब्जी पुसला खदान में 3 मिलियन टन और कटकौना खदान में 1.5 मिलियन टन कोकिंग कोल का भंडार मौजूद है.
वर्तमान में भारत अपनी स्टील इंडस्ट्री के लिए आवश्यक कोकिंग कोल का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. ऐसे में SECL का यह कदम देश की आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है.
बिलासपुर मुख्यालय वाली यह कंपनी अब उस बाजार में उतर रही है जहाँ अब तक भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का दबदबा रहा है.
बीएन झा के अनुसार, इन नई खदानों के वर्ष 2029-30 तक चालू होने की उम्मीद है. देश में कोकिंग कोल का बड़ा भंडार मुख्य रूप से झारखंड में है, लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की इन खदानों से उत्पादन शुरू होने के बाद घरेलू स्टील सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी.