SCO: पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और कनेक्टिविटी पर दिया जोर
नई दिल्ली । डेस्क: 25वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सहयोग के अवसरों पर भारत की नीति को रेखांकित किया. सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने मेजबान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आतिथ्य की सराहना की और उज्बेकिस्तान व किर्गिजस्तान को उनके राष्ट्रीय दिवस पर बधाई दी.
प्रधानमंत्री ने SCO की भारत की सोच को तीन मुख्य स्तंभों - सिक्यूरिटी, कनेक्टिविटी और अवसर - पर आधारित बताया. उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को वैश्विक चुनौतियां करार देते हुए इसके खिलाफ एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे मानवता के खिलाफ चुनौती बताया और आतंकवाद के समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं होंगे.
कनेक्टिविटी पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने चाबहार पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसे भारत के प्रयासों का उल्लेख किया, जो मध्य एशिया और अफगानिस्तान से संपर्क बढ़ाने में सहायक हैं. उन्होंने जोर दिया कि कनेक्टिविटी प्रयासों में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए.
सहयोग के अवसरों पर, उन्होंने 2023 में भारत की SCO अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए स्टार्टअप, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तीकरण और डिजिटल समावेशन जैसे नए क्षेत्रों का जिक्र किया. उन्होंने SCO के तहत एक सभ्यता संवाद मंच (Civilizational Dialogue Forum) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि प्राचीन सभ्यताओं, कला और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके.
प्रधानमंत्री ने भारत के "रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म" मंत्र के तहत प्रगति और वैश्विक चुनौतियों को अवसरों में बदलने के प्रयासों पर प्रकाश डाला. उन्होंने SCO के सुधार-उन्मुख दृष्टिकोण और संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर नए केंद्रों की स्थापना का स्वागत किया. साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुधारों के लिए SCO सदस्यों के बीच सहयोग बढ़ाने की वकालत की.
अंत में, उन्होंने अगले SCO अध्यक्ष किर्गिजस्तान के राष्ट्रपति जपारोव को शुभकामनाएं दीं और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.