सबरीमाला मंदिर: हर उम्र के महिलाओं के प्रवेश पर SC की सुनवाई 7 अप्रैल से
नई दिल्ली । डेस्क: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू करने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ आगामी 7 अप्रैल से इस बात पर पुनर्विचार करेगी कि क्या मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश मिलना चाहिए.
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी.
न्यायालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 7 से 9 अप्रैल तक उन याचिकाओं पर सुनवाई होगी जो 2018 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रही हैं. इसके बाद, 14 से 16 अप्रैल तक उन पक्षों को सुना जाएगा जो पुनर्विचार याचिकाओं का विरोध कर रहे हैं. अदालत ने इस पूरी सुनवाई प्रक्रिया को 22 अप्रैल तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा है.
उल्लेखनीय है कि साल 2018 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर लगे दशकों पुराने प्रतिबंध को हटा दिया था.
उस पीठ में न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा भी शामिल थे. हालांकि, भगवान अयप्पा के मंदिर की इस पुरानी परंपरा को बरकरार रखने की मांग को लेकर कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं, जिन्हें अब बड़ी पीठ के समक्ष रखा गया है.