यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का पीएम मोदी को फोन
नई दिल्ली । डेस्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर रूस के तेल निर्यात पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया. जेलेंस्की का कहना है कि इससे रूस के युद्ध के लिए धन की आपूर्ति रोकी जा सकती है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत का जिक्र किया. दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस फोन कॉल की पुष्टि करते हुये कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है.
डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से भारत के निर्यात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बीच यह बातचीत कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ट्रम्प ने दावा किया है कि भारत का रूस से तेल खरीदना युद्ध को बढ़ावा दे रहा है.
हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देगा और किसानों, मछुआरों और डेयरी मालिकों के हितों की रक्षा करेगा.
जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की.
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे लोगों का समर्थन करते हुए गर्मजोशी भरा संदेश दिया, जिसके लिए मैं आभारी हूं."
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने रविवार को ज़ापोरिज़िया में हुए हमले में घायल लोगों की जानकारी मोदी को दी और रूस की ओर से युद्धविराम के बजाय हिंसा की मंशा को उजागर किया.
जेलेंस्की ने कहा, "भारत हमारी शांति स्थापना की कोशिशों का समर्थन करता है, जो बहुत महत्वपूर्ण है. भारत का मानना है कि यूक्रेन से संबंधित सभी निर्णय यूक्रेन की मौजूदगी में ही लिए जाने चाहिए."
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जिसके बाद भारत ने रूस से सस्ते दामों पर भारी मात्रा में तेल खरीदना शुरू किया. भारत सरकार ने इसे देशवासियों के हित में उठाया गया कदम बताया है. इसके जवाब में अमेरिका ने भारत पर शुल्क लगाने की धमकी दी है.
जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, "रूस की ऊर्जा, खासकर तेल निर्यात, पर नियंत्रण करना चाहिए. युद्ध के लिए धन की आपूर्ति रोकने के लिए यह कदम जरूरी है."
उन्होंने यह भी बताया कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के दौरान दोनों नेताओं के बीच एकांत में मुलाकात की योजना है.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा, "जेलेंस्की से बात कर मुझे खुशी हुई. मैंने भारत की शांति स्थापना के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया. भारत इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने को तैयार है. साथ ही, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया."