रूस ने बनाई दुनिया की पहली कैंसर 'थेराप्यूटिक वैक्सीन'
नई दिल्ली । डेस्क: रूस ने चिकित्सा जगत में एक क्रांतिकारी बदलाव का दावा करते हुए दुनिया की पहली ऐसी कैंसर वैक्सीन ‘एन्टेरोमिक्स’ तैयार की है, जो स्वस्थ लोगों को बीमारी से बचाने के लिए नहीं, बल्कि कैंसर से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए विकसित की गई है. रूस की 'फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी' के अनुसार, यह एक 'थेराप्यूटिक वैक्सीन' है, जिसका उपयोग रोग की पहचान होने के बाद उपचार के रूप में किया जाएगा.
इस वैक्सीन का प्राथमिक परीक्षण 50 से 100 मरीजों पर किया जा चुका है, जिसमें बिना किसी गंभीर दुष्प्रभाव के ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सफलता मिली है.
यह वैक्सीन प्रसिद्ध 'मेसेंजर आरएनए' (mRNA) तकनीक पर आधारित है, जो शरीर के भीतर जाकर रोग प्रतिरोधक तंत्र (इम्यून सिस्टम) को सक्रिय कर देती है. सक्रिय होने के बाद शरीर की बी-लिम्फोसाइट कोशिकाएं भारी मात्रा में एंटीबॉडी बनाती हैं, जो विशेष रूप से कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर को लक्षित कर उन्हें नष्ट कर देती हैं.
रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि यह तकनीक विशेष रूप से घातक स्किन कैंसर (मेलानोमा) के साथ-साथ अग्न्याशय, गुर्दे, कोलन और फेफड़ों के कैंसर के इलाज में भी सुरक्षा प्रदान करेगी. फिलहाल इस टीके के सुरक्षा मानकों पर गहन शोध जारी है और सफल परीक्षणों के बाद इसे जल्द ही वैश्विक बाजार में लाने की तैयारी है.