ताइवान का एकीकरण CPC का मिशन- शी जिनपिंग
बीजिंग । डेस्क: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के 105वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया. इस सभा को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति और सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी जिनपिंग ने पार्टी के शानदार सफर को रेखांकित किया. उन्होंने एक सदी से अधिक के इस इतिहास को चीनी राष्ट्र का सबसे भव्य महाकाव्य करार दिया. राष्ट्रपति शी ने देश को निर्धारित समय सीमा के भीतर एक आधुनिक समाजवादी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी पार्टी को नए जोश और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.
ऐतिहासिक उपलब्धियां और 105 वर्षों का सफर
वर्ष 1921 में जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना हुई थी, तब चीन बेहद कमजोर स्थिति में था और विदेशी शक्तियों के उत्पीड़न तथा अत्यधिक गरीबी से जूझ रहा था. महज 50 से अधिक सदस्यों के एक छोटे से समूह से शुरुआत करने वाली यह पार्टी आज लगभग 101.29 मिलियन सदस्यों और 5.43 मिलियन प्राथमिक स्तर के पार्टी संगठनों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी बन चुकी है.
राष्ट्रपति शी ने रेखांकित किया कि पार्टी के इन प्रयासों ने न केवल चीनी जनता के भविष्य को बदला है, बल्कि मार्क्सवाद की मजबूत जीवंतता को भी साबित किया है. सीपीसी के नेतृत्व में आज चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. इसके साथ ही देश ने तकनीकी नवाचार में वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बनाई है और औसत जीवन प्रत्याशा को बढ़ाकर 79 वर्ष से अधिक कर दिया है. चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को भी सफलतापूर्वक स्थापित किया है.
वैश्विक चुनौतियां और रणनीतिक दृष्टिकोण
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में पार्टी कैडरों को भविष्य में आने वाली कठिन परिस्थितियों के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चीन का विकास एक ऐसे दौर में है जहां रणनीतिक अवसरों के साथ-साथ गंभीर जोखिम और अनिश्चितताएं भी बढ़ रही हैं. वैश्विक परिदृश्य में आ रहे तेज बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय उथल-पुथल और बड़े परिवर्तन के नए दौर से गुजर रही है.
ऐसे में चीन को तेज हवाओं, उठती लहरों और हिंसक तूफानों जैसी बड़ी परीक्षाओं का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानवता के लिए एक साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को लगातार बढ़ावा देने की बात दोहराई.
देश की सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर पार्टी के पूर्ण नेतृत्व को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने सैन्य बलों से आह्वान किया कि वे वर्ष 2027 तक सेना के शताब्दी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अपनी गति बढ़ाएं और चीनी सशस्त्र बलों को विश्व स्तरीय स्तर पर ले जाएं.
राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना को देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करनी होगी और वैश्विक शांति में अपना योगदान देना होगा.
इसके अतिरिक्त, उन्होंने हांगकांग और मकाओ की दीर्घकालिक समृद्धि की रक्षा को राष्ट्रीय कायाकल्प के लिए आवश्यक बताया. ताइवान के मुद्दे पर उन्होंने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि ताइवान का पूर्ण एकीकरण सीपीसी का ऐतिहासिक मिशन है, और इसके अलगाववादी प्रयासों तथा बाहरी हस्तक्षेप का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा.
आंतरिक सुधार और सर्वोच्च सम्मान
पार्टी के भीतर अनुशासन और शुद्धता बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति शी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सतत और चौतरफा लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने पार्टी सदस्यों को अपने मूल सिद्धांतों को न भूलने और हमेशा विनम्र, सतर्क तथा परिश्रमी रहने की सलाह दी. इस भव्य समारोह में चीनी राजनीति के शीर्ष नेतृत्व सहित लगभग 3,000 लोग शामिल हुए, जिनमें ली छ्यांग, झाओ लेजी, वांग हुनिन, त्साई ची, डिंग शुएश्यांग, ली शी और उपराष्ट्रपति हान झेंग प्रमुख थे.
इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति शी ने पार्टी का सर्वोच्च सम्मान '1 जुलाई पदक' भी प्रदान किया. इस वर्ष यह सम्मान आठ विशिष्ट व्यक्तियों को दिया गया, जिनमें एक जमीनी स्तर के मध्यस्थ, एक अनुभवी सैनिक, ग्रामीण चिकित्सक, सामुदायिक कार्यकर्ता, कृषि विशेषज्ञ, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ और मरणोपरांत सम्मानित किए गए पेट्रोलियम रिफाइनिंग इंजीनियरिंग विशेषज्ञ शामिल थे.
यह आयोजन चीन को इस सदी के मध्य तक पूरी तरह से एक महान आधुनिक समाजवादी देश बनाने के संकल्प को प्रदर्शित करता है.