रायपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: मलबे से निकला 17 साल के बच्चे का शव, कुल 3 मौतें
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी मेटलर्जिकल फैक्ट्री में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट में मौतों का आंकड़ा बढ़कर तीन हो गया है. बुधवार सुबह एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के ने दम तोड़ दिया. इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और नाबालिगों को खतरनाक कामों में लगाने जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस के अनुसार, जांजगीर-चांपा का रहने वाला 17 वर्षीय अरुण पांडे बुधवार तड़के दम तोड़ दिया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जब यह धमाका हुआ, तब अरुण भट्टी के पास ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था. इससे पहले मंगलवार को लाल सिंह और कमल सिंह नाम के दो अन्य श्रमिकों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा पिघले हुए लोहे (मोल्टन आयरन) की टैपिंग के दौरान हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी. इसी दौरान कंट्रोल मैकेनिज्म में खराबी आ गई और ऑक्सीजन लाइन ने आग पकड़ ली, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ. जो मजदूर टैपिंग पॉइंट के सबसे करीब थे, वे इस ब्लास्ट की सीधी चपेट में आ गए.
फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. श्रमिकों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पर्याप्त ट्रेनिंग और सुरक्षा उपकरणों (पीपीई किट) के भट्टी वाले संवेदनशील हिस्से में काम पर लगा दिया गया था.
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की बिजली तुरंत गुल हो गई और करीब 10 मिनट तक वहां पूरी तरह अंधेरा छा गया. एक मजदूर ने रुंधे गले से बताया, "जब 10 मिनट बाद बिजली वापस आई, तो वहां का मंजर खौफनाक था. हमारे साथी कर्मचारियों के शव और उनके क्षत-विक्षत अंग चारों तरफ बिखरे हुए थे. दम तोड़ने वाले बच्चे हमारे अपने बच्चों की उम्र के थे."
यह फैक्ट्री साल 2005 से संचालित है, जहां पिग आयरन और फेरो सिलिकॉन उत्पादों का निर्माण और प्रसंस्करण किया जाता है. हादसे के बाद पुलिस, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और श्रम विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
रायपुर नॉर्थ के डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि जांच दल इस बात का पता लगा रहा है कि धमाके की असली वजह क्या थी और क्या फैक्ट्री में अनिवार्य औद्योगिक सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था.
इसके साथ ही, एक नाबालिग को इस तरह के खतरनाक काम में अवैध रूप से क्यों लगाया गया, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस ने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही एफआईआर दर्ज की जा रही है.