छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, 3 की मौत, 4 लापता
बिलासपुर/बीजापुर/दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में लगातार बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं. बिलासपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में तो बाढ़ ने कहर मचा दिया है.
सोमवार और मंगलवार को चार अलग-अलग घटनाओं में कुल 19 लोग बह गए थे, जिनमें से 12 लोगों को बचा लिया गया है. जबकि 3 लोगों की मौत हो गई है. मरने वाले सभी एक ही परिवार के हैं. वहीं दो लड़के और 2 बच्चियां लापता हैं. जिनकी तलाश जारी है.
सोमवार को बिलासपुर में बाढ़ से एक ही परिवार के 6 लोग बह गए. जिसमें से तीन बच्चों की मौत हो गई. ये सभी बच्चे मरही माता मंदिर दर्शन के लिए गए थे. इसी तरह जिले से पचपेड़ी थाना क्षेत्र में भी एक बच्चा नदी में बह गया है.
इधर बीजापुर जिले में बाढ़ से 100 से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गए हैं. इन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है. वहीं इंद्रावती नदी में नाव पलटने से 2 बच्चियां बह गई हैं. जिन्हें खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
इस हादसे में 9 लोगों बचा लिया गया है. एक अन्य घटना में बारसूर से गीदम मार्ग के बीच नाले में एक युवक फंस गया था. उसे रेस्क्यू कर बचाया गया. वहीं जगदलपुर से सुकमा को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे भी बाढ़ के चलते बंद है.
बिलासपुर में तीन बच्चों की मौत
बिलासपुर जिले भनवारकंट स्थित मरही माता मंदिर दर्शन के लिए सोमवार को बलौदाबाजर जिले के ग्राम बिटकुली निवासी ध्रुव परिवार के लोग आए हुए थे. उनके साथ परसदा निवासी रिश्तेदार भी आए थे.
मंदिर दर्शन के बाद सभी लोग शाम को वापस घर लौट रहे थे. इस दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण मंदिर के पास नाले में तेज बहाव के साथ बाढ़ आ गई.
उफनते नाले को पार करते समय 6 लोग पानी के तेज बहाव में आ गए. परिवार के लोगों ने किसी तरह दो लोगों को बचा लिया. वहीं, मितांश ध्रुव (5), गौरी ध्रुव (13), मुस्कान ध्रुव (12) और बलराम ध्रुव (45) पानी के तेज बहाव में बह गए.
घटना की जानकारी मिलते ही बेलगहना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के साथ बहे लोगों की तलाश शुरू की.
घंटों मशक्कत के बाद मितांश, गौरी और मुस्कान का शव मिला. जबकि बलराम का देर रात तक कुछ पता नहीं चल सका. आज सुबह से युवक की तलाश फिर से शुरू की गई है.
एनीकट में बहा बच्चा
इसी तरह पचपेड़ी थाना क्षेत्र के टांगर गांव में एक 12 साल का बच्चा एनीकट पार करते समय नदी में बह गया.
वह साइकिल से एनीकट पार कर रहा था. उसी दौरान वह साइकिल सहित लीलगर नदी में गिर गया और बह गया. जिसके बाद से उसका पता नहीं चल सका है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. बालक की तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
आज सुबह से फिर एसडीआरएफ और पुलिस की टीम बालक की तलाश कर रही है.
इंद्रावती नदी में नाव पलटी
इधर बीजापुर जिले में भी दर्दनाक हादसा हो गया. इंद्रावती नदी पार कर रही एक डोंगीनुमा नाव तेज बहाव के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई.
हादसा उस समय हुआ जब एहकेली गांव से 11 लोग नलगोंडा जा रहे थे. नाव में नारायणपुर के तीन ग्रामीण और कुछ स्कूली बच्चियों समेत कुल 11 लोग सवार थे.
सभी लोग धान मिलिंग कराने नलगोंडा जा रहे थे. बीच रास्ते में नदी का बहाव तेज हो गया, जिससे नाव हिलने लगी. कुछ लोगों ने घबराकर नदी में छलांग लगा दी, तभी अचानक नाव पलट गई.
नाव में सवार 11 लोगों में से 9 को स्थानीय लोगों और राहत दलों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन 10 साल का मनीषा और 11 साल शर्मिला उज्जी तेज बहाव में बह गईं.
बच्चियों को ढूंढने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है. नगर सेना और गोताखोरों की टीम ने लगभग 10 किलोमीटर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है.
कल शाम को अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था. आज सुबह फिर से बच्चियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बालसूल-गीदम नाला में फंसा युवक
इधर तेज बारिश के चलते बारसूर से गीदम मार्ग के बीच बहने वाली गणेश बाहर नाला उफान पर है.
सोमवार को नाला पार करते समय एक युवक फंस गया. युवक को रेस्क्यू कर बचाया गया है.
बताया गया कि युवक आज सुबह नदी पार कर रहा था. इसी दौरान नदी का बहाव तेज हो गया और वो नदी में फंस गया. युवक एक पेड़ के सहारे घंटों खड़ा रहा.
आज दोपहर में कुछ ग्रामीण नाले के पास पहुंचे, तो युवक को फंसा हुआ देखा. घटना की जानकारी मिलते ही वहां काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए.
ग्रामीणों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
100 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
बीजापुर जिले में रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर हैं.
गंगालूर मार्ग पर स्थित चेरपाल नदी में बाढ़ आने के कारण 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है.
बाढ़ के चलते नदी के दोनों तरफ लोग फंसे हुए हैं. नदी के किनारे बसे गांव में मकानों को खाली कराया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं भी ठप है.
वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है. लोगों को बाढ़ के दौरान नदी के आसपास ना जाने की हिदायत दी जा रही है.
जगदलपुर-सुकमा मार्ग बंद
जगदलपुर से सुकमा को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे बाढ़ के चलते बंद हो गया है. कल रात से जारी तेज बारिश के चलते झीरम नाला उफान पर है.
सड़क से करीब 2 फीट ऊपर पानी बह रहा रहा है. इलाके के और भी नाले उफान पर हैं.
इधर दरभा से आगे कांगेर घाट पर सुबह एक वाहन सवार नाला पार करते हुए बह गया था. वाहन में सवार व्यक्ति को स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बचा लिया गया है.
बस्तर पुलिस एवं प्रशासन का बल मौके पर तैनात है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.