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रायपुर में बढ़ेगी रेलवे क्षमता, छत्तीसगढ़ में रेल विकास को गति

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27 दिस. 2025, 02:07 PM 3 मिनट में पढ़ें 5

रायपुर रेलवे स्टेशन
रायपुर रेलवे स्टेशन

रायपुर । संवाददाता: भारतीय रेलवे ने देश के 48 प्रमुख शहरों में अगले पांच वर्षों में ट्रेनों की परिचालन क्षमता दोगुनी करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है. इस योजना में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी शामिल किया गया है. इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात बताया और कहा कि इससे राज्य में कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी.


रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2030 तक परिचालन क्षमता दोगुनी करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जाएगा. इसमें मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण, शहरी क्षेत्रों के आसपास नए टर्मिनलों का विकास, सिग्नलिंग अपग्रेड, यार्ड आधुनिकीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए सेक्शनल क्षमता में वृद्धि और मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स व आधुनिक मेंटेनेंस सुविधाओं की स्थापना शामिल है.

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छत्तीसगढ़ में इस समय रेलवे विस्तार और उन्नयन से जुड़ी करीब ₹41,000 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं. इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, दोहरीकरण, रेलवे फ्लाईओवर और पुलों का विकास शामिल है. चालू वित्त वर्ष के केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए ₹6,925 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य में चल रही रेल परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ ने अपने संपूर्ण रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा कर लिया है.


राज्य में रेलवे के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए कई नई परियोजनाएं प्रगति पर हैं. इनमें रावघाट–जगदलपुर, धरमजयगढ़–लोहरदगा और खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा रेल कॉरिडोर प्रमुख हैं.       


रावघाट रेलवे लाइन के तहत दल्लीराजहरा–अंतागढ़ (77 किमी) खंड का कार्य पूरा हो चुका है और वहां यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है. रावघाट तक विस्तार का काम जारी है, जिससे भिलाई स्टील प्लांट को लौह अयस्क की आपूर्ति आसान होगी और स्थानीय लोगों को सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी. 


वहीं, केके रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत 170 किमी में से 148 किमी का कार्य पूरा किया जा चुका है, जिससे बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी.


डोंगरगढ़–कवर्धा–कटघोरा रेल लाइन परियोजना 295 किमी लंबी है और इसकी लागत ₹4,021 करोड़ है. इससे खनिज परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, यात्री सुविधाएं सुधरेंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. 


कोरबा–अंबिकापुर नई रेल लाइन से सरगुजा क्षेत्र के विकास को नई राह मिलेगी. इसके अलावा 490 किमी लंबी गढ़चिरौली–बीजापुर–बचेली परियोजना के सर्वे के लिए ₹12.25 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं. सारडेगा–भालुमुंडा डबल लाइन परियोजना से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP