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ट्रंप द्वारा वसूले गए 'अवैध' टैरिफ की वापसी प्रक्रिया शुरू

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20 अप्रै. 2026, 06:47 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

ट्रंप टैरिफ
ट्रंप टैरिफ

वाशिंगटन । डेस्क: अल-ज़जीरा के हवाले से खबर है कि अमेरिकी सरकार से अवैध रूप से वसूले गए टैरिफ को वापस पाने के लिए तैयार की गई रिफंड प्रणाली सोमवार को लाइव हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत हजारों कंपनियों ने अपने दावे दाखिल करने के लिए पोर्टल पर धावा बोल दिया है. इस पूरी कवायद का उद्देश्य उन आयातकों को राहत देना है, जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान आपातकालीन कानूनों के तहत लागू किए गए करों का भुगतान किया था. 


हालांकि, शुरुआती घंटों में सिस्टम पर अत्यधिक बोझ के कारण कुछ तकनीकी खामियां भी देखी गईं.

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फ्लोरिडा स्थित खिलौना निर्माता कंपनी 'बेसिक फन' के सीईओ जय फ़ोरमैन ने बताया कि पोर्टल सुबह 8 बजे लाइव होते ही उनकी टीम ने फाइलिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने पोर्टल के अनुभव को 'अब तक का सबसे बेहतर' बताते हुए कहा कि हालांकि सिस्टम क्रैश नहीं हुआ, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण कभी-कभी अपलोड विफल हो रहे थे. 


कई कंपनियों को सैकड़ों फाइलें अपलोड करनी हैं, जिसे सिस्टम बैचों में स्वीकार कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई व्यावसायिक घरानों ने पहले ही इस बात की चिंता जताई थी कि क्या अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) का यह नया सिस्टम 166 अरब डॉलर के भारी-भरकम रिफंड दावों का बोझ सह पाएगा.


यह पूरी कानूनी लड़ाई उस समय शुरू हुई जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा राष्ट्रीय आपात स्थिति के नाम पर लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, 9 अप्रैल तक लगभग 56,497 आयातक रिफंड प्राप्त करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण पूरा कर चुके हैं, जिनकी कुल राशि 127 अरब डॉलर के करीब है. 


यह आंकड़ा कुल पात्र रिफंड का तीन-चौथाई से अधिक है. आंकड़ों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 3.3 लाख से अधिक आयातकों ने 5.3 करोड़ शिपमेंट पर ये कर चुकाए थे.


कंपनियों को अब उन सामानों की विस्तृत घोषणा प्रस्तुत करनी होगी, जिन पर उन्होंने अरबों डॉलर का टैक्स दिया था. यदि सीबीपी किसी दावे को मंजूरी दे देता है, तो रिफंड जारी होने में 60 से 90 दिन का समय लगेगा. 


सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिफंड की प्रक्रिया चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें हाल के टैरिफ भुगतानों को प्राथमिकता दी जाएगी. तकनीकी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण यह पैसा ग्राहकों तक पहुंचने में अभी लंबा समय लग सकता है. 


हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पहले आवेदन करने से प्रक्रिया तेज होगी या नहीं, लेकिन अधिकांश कंपनियां जोखिम नहीं लेना चाहतीं और जल्द से जल्द अपने दावे पोर्टल पर दर्ज कर रही हैं. 


वैश्विक व्यापार के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि पिछले साल व्यापार संबंधों को पुनर्गठित करने की ट्रंप की कोशिशों और लगातार बदलते शुल्कों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP