ट्रंप पर हुए हमले पर पीएम मोदी ने जताई चिंता
वॉशिगटन । डेस्क: वॉशिंगटन डीसी में आयोजित वार्षिक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस हिंसक कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है. शनिवार शाम वॉशिंगटन हिल्टन होटल में जब राष्ट्रपति ट्रंप मीडिया जगत के दिग्गजों को संबोधित करने की तैयारी कर रहे थे, तभी होटल के सुरक्षा घेरे के पास अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू हो गई.
इस हमले के तुरंत बाद पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है और ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से अस्वीकार्य माना जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार के सुरक्षित होने पर संतोष व्यक्त किया और घायल सुरक्षाकर्मी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा दुनिया के कई अन्य शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भी इस हमले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी और ट्रंप के प्रति एकजुटता जाहिर की. जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राजनीतिक संवाद के बीच हिंसा का हस्तक्षेप सभ्य समाज के लिए एक बड़ा खतरा है. वहीं, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करार दिया.
अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने एक स्वर में कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से मतभेदों को सुलझाना ही किसी भी मजबूत राष्ट्र की पहचान होती है. इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक नेताओं की सुरक्षा और अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं.
घटनाक्रम के अनुसार, जैसे ही होटल के बॉलरूम के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी, सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने राष्ट्रपति ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और वहां मौजूद कैबिनेट मंत्रियों को सुरक्षा घेरे में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि होटल के भीतर मौजूद लोग जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिप गए और चारों तरफ चीख-पुपुकार मच गई. अल जजीरा के पत्रकारों ने बताया कि गोलीबारी बॉलरूम के मुख्य प्रवेश द्वार के बेहद करीब हुई थी, जिससे वहां बारूद की गंध फैल गई थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में खुलासा किया कि हमलावर कई हथियारों से लैस था और उसने सुरक्षा चौकी को तोड़ने की कोशिश की थी. इस दौरान सीक्रेट सर्विस का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई.
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में की है, जो कैलिफोर्निया का रहने वाला है. एफबीआई निदेशक काश पटेल ने पुष्टि की है कि हमलावर के अतीत और उसके इरादों की गहनता से जांच की जा रही है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस हमले को 'अमेरिकी संविधान पर हमला' बताया और कहा कि देश को अब ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है जो पहले कभी नहीं देखी गई. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर घटना के कुछ वीडियो भी साझा किए, जिसमें सुरक्षाकर्मी हमलावर पर काबू पाते दिख रहे हैं.
गौरतलब है कि ट्रंप पर इससे पहले भी पेनसिल्वेनिया की एक चुनावी रैली में हमला हो चुका है, जहां वे बाल-बाल बचे थे.
दुनिया भर के नेताओं द्वारा व्यक्त की गई यह चिंता दर्शाती है कि लोकतांत्रिक देशों में राजनीतिक हिंसा के बढ़ते मामले एक गंभीर चुनौती बन गए हैं. पीएम मोदी का संदेश न केवल ट्रंप के प्रति व्यक्तिगत समर्थन था, बल्कि यह वैश्विक शांति बनाए रखने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने हालांकि स्पष्ट किया है कि वे इस तरह के हमलों से डरकर अपने कार्यक्रम रद्द नहीं करेंगे और उन्होंने जल्द ही इस डिनर को दोबारा आयोजित करने का संकल्प लिया है. फिलहाल वॉशिंगटन में सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है और पूरे मामले की जांच में संघीय एजेंसियां जुटी हुई हैं, ताकि इस साजिश की जड़ों तक पहुंचा जा सके.