पाक ने US को दुर्लभ खनिजों की पहली खेप भेजी, 'सीक्रेट डील' पर हंगामा
नई दिल्ली । डेस्क: पाकिस्तान और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी एक नए चरण में प्रवेश कर गई है. पाकिस्तान ने अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रैटेजिक मेटल्स (USSM) को दुर्लभ पृथ्वी और महत्वपूर्ण खनिजों (rare earth and critical minerals) की अपनी पहली खेप भेजी है. यह शिपमेंट पिछले महीने अमेरिकी कंपनी के साथ हुए एक समझौते के तहत भेजी गई है, जिसमें USSM पाकिस्तान के खनिज संसाधनों के अन्वेषण और विकास के लिए लगभग $500 मिलियन का निवेश करने की योजना बना रही है.
शिपमेंट में शामिल खनिज: भेजी गई नमूना खेप में एंटीमनी (antimony), कॉपर कॉन्संट्रेट (copper concentrate) और दुर्लभ पृथ्वी तत्व जैसे नियोडिमियम (neodymium) और प्रैसीओडिमियम (praseodymium) शामिल हैं. ये खनिज आधुनिक उद्योगों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक माने जाते हैं.
रणनीतिक महत्व: वाशिंगटन के अधिकारियों ने इस शिपमेंट को पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने की दिशा में एक अहम कदम बताया है.
पसनी बंदरगाह का प्रस्ताव: पाकिस्तान ने दुर्लभ खनिजों के शिपमेंट को आसान बनाने के लिए अमेरिका को अरब सागर पर स्थित पसनी बंदरगाह तक पहुंच देने की भी पेशकश की है. यह बंदरगाह चीन द्वारा संचालित ग्वादर बंदरगाह से लगभग 70 मील की दूरी पर स्थित है.
इस डील और शिपमेंट ने पाकिस्तान में राजनीतिक हंगामा खड़ा कर दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इसे अमेरिका के साथ "गुप्त सौदे" करार दिया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने पाकिस्तानी सरकार से इन समझौतों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है, राष्ट्रीय हितों पर चिंता जताते हुए संसद और राष्ट्र को विश्वास में लेने पर जोर दिया है.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि पाकिस्तान की खनिज संपदा का मूल्य लगभग $6 ट्रिलियन है. यह सौदा पाकिस्तान को अरबों डॉलर का राजस्व दिला सकता है, रोजगार पैदा कर सकता है और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा दे सकता है.
पसनी बंदरगाह की पेशकश प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद आई है. एक तस्वीर में मुनीर ट्रंप को एक लकड़ी के बक्से में पाकिस्तान के दुर्लभ खनिजों के नमूने पेश करते हुए दिखाई दिए थे.