मंगल, 20 अक्टू. 2026

CGKhabar

कक्षाओं की बदहाली से शुरू हुआ आक्रोश बना यूरोपीय महाद्वीप का युवा आंदोलन

कक्षाओं की बदहाली से शुरू हुआ छात्रों का गुस्सा अब पूरे यूरोप में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में बदल चुका है. 2000 के मुकाबले 78% तक बढ़ी महंगाई और ठहरी हुई नौकरियों ने युवाओं के मन में यह खौफ पैदा कर दिया है कि वे अपने माता-पिता से बेहतर जिंदगी नहीं जी पाएंगे.

C

CG Khabar

20 अक्टू. 2026, 12:13 AM 3 मिनट में पढ़ें 21

फ्रांस के राष्ट्रपति
फ्रांस के राष्ट्रपति

पेरिस/मैड्रिड । डेस्क: फ्रांस के स्कूलों में ठसाठस भरी कक्षाओं और शिक्षकों की भारी कमी को लेकर सितंबर में शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब केवल एक देश तक सीमित नहीं रहा है. दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका यह आंदोलन अब पूरे यूरोपीय महाद्वीप में फैल गया है. अल्बानिया, बेल्जियम, ग्रीस, इटली, पुर्तगाल और स्पेन तक फैली इस अशांति की मुख्य वजह जीवन यापन की बढ़ती लागत, सार्वजनिक सेवाओं में कटौती और किफायती मकानों का अभाव है. यूरोप का युवा वर्ग अब खुलकर यह मान रहा है कि आने वाले समय में उनका जीवन स्तर उनके माता-पिता की तुलना में बेहतर नहीं रह पाएगा.

इस जन-आक्रोश का सामना फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो जैसे शीर्ष नेताओं को करना पड़ रहा है. अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से संबंध रखने के बावजूद, ये सभी नेता अपनी-अपनी सीमाओं में आर्थिक तंगी से जूझ रही युवा पीढ़ी के असंतोष को शांत करने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

दो दशकों में आसमान छूती महंगाई

यूरोपीय संघ की सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टेट के आंकड़ों से पता चलता है कि फ्रांस, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में बीते 26 वर्षों के भीतर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है. वर्ष 2000 के मुकाबले रोजमर्रा के खान-पान, बिजली, ईंधन और परिवहन के खर्चों में 59 से 78 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. इनमें सबसे ज्यादा असर स्पेन पर पड़ा है जहां महंगाई 78 प्रतिशत तक बढ़ी है, जबकि पुर्तगाल में 71 प्रतिशत, इटली में 68 प्रतिशत और फ्रांस में 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद उपजे ऊर्जा संकट ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे हर घर का बजट बिगड़ गया.

विज्ञापन

स्थिर आय और गिरता जीवन स्तर

एक तरफ जहां रोजमर्रा की चीजें महंगी होती गईं, वहीं युवाओं की कमाई उस अनुपात में नहीं बढ़ सकी. ओईसीडी के वेतन आंकड़ों के अनुसार, मुद्रास्फीति को समायोजित करने के बाद इटली में औसत पूर्णकालिक वेतन वर्ष 2000 से 2025 के बीच लगभग 5 प्रतिशत तक घट गया. हालांकि स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल में वास्तविक आय में कागजी बढ़ोतरी जरूर देखी गई है, लेकिन ज्यादातर नए रोजगार पर्यटन या सेवा क्षेत्र में पैदा हुए हैं जो मौसमी और बेहद कम वेतन वाले हैं. बुजुर्ग होती आबादी के कारण नई पीढ़ी के लिए अवसर सिमटते जा रहे हैं और वरिष्ठ तथा युवा कर्मचारियों के बीच वेतन का अंतर लगातार चौड़ा हो रहा है.

आवास संकट और शिक्षा पर घटता सरकारी ध्यान

घर खरीदना या किराए पर लेना युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. स्पेन में आवास मूल्य और आय का अनुपात वर्ष 2000 की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक हो चुका है. पुर्तगाल में पिछले कुछ वर्षों में मकानों के दाम अभूतपूर्व गति से बढ़े हैं. इसके अतिरिक्त, जिस शिक्षा व्यवस्था को लेकर फ्रांस में यह पूरा विवाद शुरू हुआ, उसके लिए सरकारी आवंटन में भी गिरावट आई है. फ्रांस अपनी जीडीपी का मात्र 5.1 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रहा है, जो वर्ष 2000 के 5.6 प्रतिशत से कम है. यही स्थिति पुर्तगाल में भी है, जहां शिक्षा बजट में कटौती की गई है. शिक्षा पर कम होता सरकारी खर्च और छात्रों के सामने खड़ा अनिश्चित भविष्य ही आज पूरे यूरोप की सड़कों पर विरोध के रूप में छलक रहा है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
जयराम रमेश
देश-विदेश

कांग्रेस ने उठाया मतदाता सूची से 'गलत' नाम हटाने का मुद्दा, प्रक्रिया रोकने की मांग

8 मिनट पहले

डोनाल्ड ट्रंप-नेेतन्याहू
देश-विदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू को दिया पूर्ण समर्थन, गहराया ईरान युद्ध का संकट

20 मिनट पहले

मॉरीशस में कर्फ्यू
देश-विदेश

मॉरीशस: रात का कर्फ्यू समाप्त, स्कूल खुले और जनजीवन पटरी पर

36 मिनट पहले

 लूला दा सिल्वा-फ्लेवियो बोल्सोनारो
देश-विदेश

ब्राजील: Meta पर चुनावी अदालत ने दैनिक जुर्माना बढ़ाकर 2 लाख डॉलर किया

एक घंटा पहले

फ्रांस में कर्फ्यू
देश-विदेश

हिंसा की आग में झुलसा फ्रांस: कई प्रमुख शहरों में कर्फ्यू लागू, सेना तैनात करने की मांग

एक घंटा पहले

लालकृष्ण आडवाणी
देश-विदेश

लाल कृष्ण आडवाणी की सेहत में सुधार, दिल्ली के अपोलो अस्पताल से मिली छुट्टी

12 घंटे पहले

CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP