ब्राजील: Meta पर चुनावी अदालत ने दैनिक जुर्माना बढ़ाकर 2 लाख डॉलर किया
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निष्पक्षता को लेकर विवाद गहरा गया है. शीर्ष चुनावी अदालत (TSE) ने मेटा पर दोहरा जुर्माना लगाते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है कि वह चुनावी कंटेंट के प्रसारण में किसी उम्मीदवार के साथ पक्षपात क्यों नहीं कर रही है.
नई दिल्ली । डेस्क: ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के निर्णायक दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पक्षपात और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर विवाद बेहद उग्र रूप ले चुका है. देश की शीर्ष चुनावी अदालत 'सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट' (TSE) ने अमेरिका स्थित टेक दिग्गज कंपनी मेटा (Meta) पर शिकंजा कसते हुए उसकी दैनिक जुर्माना राशि को दोगुना कर 10 लाख ब्राजीलियन रियाल (लगभग 2,00,000 डॉलर) कर दिया है.
अदालत ने सोमवार को जारी आदेश में मेटा को स्पष्टीकरण देने के लिए केवल 24 घंटे की मोहलत दी है. अदालत का कहना है कि कंपनी यह साबित करे कि वह अपने फीड्स में किसी एक उम्मीदवार को अनुचित लाभ नहीं पहुंचा रही है. आदेश में एक न्यायाधीश ने स्पष्ट टिप्पणी की कि मतदान से कुछ ही दिन पहले आदेश का लगातार उल्लंघन यह दर्शाता है कि पहले लगाया गया जुर्माना अपर्याप्त था.
यह पूरा मामला मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) के चुनावी अभियान की शिकायत के बाद सामने आया है. लूला के अभियान दल ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम पर उनके प्रोफाइल का प्रचार रोका जा रहा है और सर्च रिजल्ट्स में उनकी दृश्यता को बाधित किया जा रहा है.
इसके साथ ही यह दावा भी किया गया है कि लूला समर्थकों की पोस्ट को तो तुरंत हटाया जा रहा है, लेकिन प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो (Flavio Bolsonaro) का प्रचार करने वाली और चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली सामग्री पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
कई नागरिक समाज संगठनों और डिजिटल अधिकार संस्थाओं (जैसे CTRL+Z) ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए कहा है कि मेटा के प्लेटफॉर्म—फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप—वामपंथी उम्मीदवार के कंटेंट को दबा रहे हैं.
वहीं मेटा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी उम्मीदवार का पक्ष नहीं लिया है, हालांकि उसने तकनीकी त्रुटि के कारण लूला के कुछ विज्ञापनों के अस्थायी रूप से हटने की बात स्वीकार की है.
उल्लेखनीय है कि ब्राजील में राजनीतिक अभियान अब पारंपरिक टीवी या पोस्टरों के बजाय सोशल मीडिया पर भारी बजट खर्च कर रहे हैं. 2024 के स्थानीय चुनावों में फेसबुक ब्राजील के चुनावी विज्ञापन बाजार में सबसे आगे रहा था. 100 से अधिक नागरिक अधिकार संगठनों (जिनमें ग्रीनपीस और ऑक्सफैम ब्राजील शामिल हैं) ने अधिकारियों से मांग की है कि मेटा पर सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि चुनावों की अखंडता और निष्पक्षता बनी रहे.