मॉरीशस: रात का कर्फ्यू समाप्त, स्कूल खुले और जनजीवन पटरी पर
पानी की किल्लत और बढ़ती महंगाई को लेकर मॉरीशस में भड़की हिंसा के बाद अब हालात नियंत्रण में हैं. सरकार ने रात का कर्फ्यू समाप्त कर दिया है और स्कूल व सड़कें फिर से खुल गई हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: हिंद महासागर के खूबसूरत द्वीप राष्ट्र मॉरीशस में पिछले दिनों हुई हिंसक झड़पों और विरोध प्रदर्शनों के बाद अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है. देश में बिगड़े हालात को देखते हुए लागू किया गया रात का कर्फ्यू सरकार ने आधिकारिक तौर पर हटा दिया है. प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्थिति में आए सकारात्मक सुधार को देखते हुए कर्फ्यू को आगे न बढ़ाने का फैसला किया गया है.
मॉरीशस में इस उपद्रव की शुरुआत मुख्य रूप से पानी की भारी किल्लत और लगातार बढ़ती महंगाई के विरोध में हुई थी. हालांकि, शनिवार को उस समय स्थिति बेकाबू हो गई जब एक पुलिस अधिकारी की गोलीबारी में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
इसके बाद पूरे इलाके में आगजनी, लूटपाट और हिंसा भड़क उठी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है, वहीं हिंसा और उपद्रव के आरोप में अब तक 188 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
पर्यटन एजेंसी 'मॉरीशस टूर्स' के अनुसार, सोमवार सुबह से ही सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, सभी स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं और दैनिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलने लगी हैं.
आमतौर पर राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता के लिए जाने जाने वाले इस द्वीपीय देश में 1999 के बाद यह पहली बड़ी हिंसक घटना मानी जा रही है. इस बीच, पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है.