CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में विपक्षी दलों का नोटिस
नई दिल्ली । डेस्क: विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को संसद के दोनों सदनों में उन्हें पद से हटाने के लिए औपचारिक नोटिस सौंपा है. कुल 193 सांसदों के हस्ताक्षर वाले इस 10 पन्नों के नोटिस में ज्ञानेश कुमार पर 'पक्षपातपूर्ण आचरण', 'चुनावी धोखाधड़ी की जांच में बाधा डालने' और 'बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने' जैसे सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
यह भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव औपचारिक रूप से पेश किया गया है.
विपक्ष ने विशेष रूप से 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इसका इस्तेमाल पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में सत्ताधारी भाजपा को लाभ पहुँचाने के लिए किया गया.
तृणमूल कांग्रेस ने इस कदम का नेतृत्व किया है और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने पूर्व में आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान ज्ञानेश कुमार ने विपक्षी नेताओं का अपमान किया था.
संवैधानिक नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल उन्हीं आधारों और प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के लिए निर्धारित हैं. अब इस मामले में आगे की कार्रवाई लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति द्वारा नोटिस स्वीकार किए जाने पर निर्भर करेगी.