ओडिशा में उप-चुनाव, छत्तीसगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के नुआपाड़ा में 11 नवंबर को होने वाले उप-चुनाव से पहले, नक्सली चुनौती से निपटने के लिए ओडिशा पुलिस हाई अलर्ट पर है. नक्सल हिंसा से चुनाव बाधित करने की खुफिया सूचनाओं के मद्देनज़र, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ पुलिस भी सीमा पर चौकस है.
नुआपाड़ा की ओर आने वाले और नुआपाड़ा से छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों पर कड़ी नजर रखने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी अपने अधिकार क्षेत्र में एक चेक पोस्ट स्थापित किया है.
खुफिया इनपुट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण जारी है, लेकिन ओडिशा में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सदस्यों ने अभी तक हथियार नहीं डाले हैं. आशंका है कि ये माओवादी सुनबेड़ा जंगल के रास्ते पड़ोसी राज्य से ओडिशा में प्रवेश कर चुनाव वाले जिले में हिंसा फैला सकते हैं.
कुल 358 मतदान केंद्रों में से, लगभग 47 बूथों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में होने के कारण अति संवेदनशील घोषित किया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए, नुआपाड़ा में पहले से तैनात 9 कंपनियों के अलावा 14 और कंपनियों के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया गया है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की कम से कम पाँच प्लाटून भी लगाई गई हैं. इसके अलावा, 500 से अधिक कांस्टेबल और होम गार्ड्स को विभिन्न ड्यूटी के लिए जुटाया गया है.
नुआपाड़ा निर्वाचन क्षेत्र और पड़ोसी जिलों (कालाहांडी, बलांगीर और बरगढ़) में कुल 14 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं. नुआपाड़ा के एसपी अमृतपाल सिंह ने बताया कि उप-चुनाव से पहले किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए चेकिंग तेज कर दी गई है. अवैध नकदी, शराब और अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं के परिवहन से संबंधित अचानक जांच के लिए 18 फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया गया है.