भाजपा की नई टीम में रूप कुमारी चौधरी और दीपक को जगह
रायपुर | संवाददाता: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया. करीब सात महीने पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनकी टीम का गठन लंबित था. नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव शामिल हैं. यानी इन तीन श्रेणियों में कुल 37 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.
नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार हैं.
लेकिन नई टीम की सबसे अहम बात छत्तीसगढ़ के लिहाज से है. 37 नेताओं की जारी सूची में छत्तीसगढ़ से एक भी नाम नहीं है. न राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में, न महासचिवों में और न ही सचिवों की सूची में छत्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व मिला है. हां, छत्तीसगढ़ की सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा का अध्यक्ष जरुर बनाया गया है. वहीं भाजपा में लंबे समय तक रहे दीपक महस्के को आईटी सेल का जिम्मा जरुर दिया गया है. वे पार्टी के आईटी सेल के अमित मालवीय की जगह लेंगे.
छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय संगठन में हिस्सेदारी शून्य
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के 37 नामों को राज्यवार देखने पर उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. उत्तर प्रदेश से छह नेताओं को जगह मिली है. इसके बाद दिल्ली से पांच, जबकि मध्य प्रदेश और गुजरात से तीन-तीन नेता टीम का हिस्सा बने हैं.
राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल से दो-दो नेताओं को जिम्मेदारी मिली है. इसके अलावा उत्तराखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, त्रिपुरा, हरियाणा, झारखंड, नागालैंड, तमिलनाडु, बिहार और असम से एक-एक नेता को जगह मिली है.
इस पूरे राज्यवार बंटवारे में छत्तीसगढ़ का आंकड़ा शून्य है.
यूपी से छह चेहरे, चुनावी तैयारी का संकेत
नई टीम में उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व है. उपाध्यक्षों में रेखा वर्मा और प्रो. तारिक मंसूर, महासचिवों में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी तथा सचिवों में डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को जगह मिली है.
इस लिहाज से यूपी के छह नेताओं की मौजूदगी को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी की नई टीम ऐसे समय बनी है जब 2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. भाजपा के भीतर संगठनात्मक फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है. ([AajTak][3])
हालांकि, यह कहना कि पूरी टीम सिर्फ उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई है, आधिकारिक तौर पर सही नहीं होगा. इसे आगामी चुनावी दौर के लिए संगठन को तैयार करने की व्यापक रणनीति के तौर पर देखना ज्यादा उचित होगा.
13 उपाध्यक्षों में वसुंधरा राजे समेत कई राज्यों को प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की 13 सदस्यीय सूची में वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा और मधुचंद्र कर समेत अन्य नेता शामिल हैं.
यह सूची बताती है कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधित्व को साथ रखने की कोशिश की है.
आठ राष्ट्रीय महासचिवों की सूची में स्मृति ईरानी प्रमुख नाम हैं. इनके अलावा विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, हरीश द्विवेदी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया को जिम्मेदारी दी गई है.
इन आठ नामों में भी छत्तीसगढ़ का कोई नेता नहीं है.
सचिवों की 16 सदस्यीय सूची में भी छत्तीसगढ़ बाहर
16 राष्ट्रीय सचिवों की सूची में मध्य प्रदेश से कविता पाटीदार, केरल से के. सुरेंद्रन और अनिल एंटनी, उत्तर प्रदेश से डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव, झारखंड से डॉ. प्रदीप वर्मा, गुजरात से जगदीश ईश्वरभाई पटेल और रोहन गुप्ता, दिल्ली से डॉ. संदीप पाठक, डॉ. रविंद्र सिंह और जय प्रकाश, नागालैंड से फांगनॉन कोन्याक, तमिलनाडु से डॉ. एम. कंकटेशन, पश्चिम बंगाल से मनोज तिग्गा, बिहार से सिद्धार्थ शंभू और असम से मृणालिका देव वर्मन को जगह मिली है.
यहां भी छत्तीसगढ़ का कोई चेहरा नहीं है.
राज्यवार तस्वीर क्या कहती है?
37 पदाधिकारियों की तीनों सूचियों को जोड़ने पर तस्वीर इस तरह बनती है:
उत्तर प्रदेश – 6
दिल्ली – 5
मध्य प्रदेश – 3
गुजरात – 3
राजस्थान – 2
महाराष्ट्र – 2
केरल – 2
पश्चिम बंगाल – 2
उत्तराखंड – 1
ओडिशा – 1
आंध्र प्रदेश – 1
पंजाब – 1
कर्नाटक – 1
त्रिपुरा – 1
हरियाणा – 1
झारखंड – 1
नागालैंड – 1
तमिलनाडु – 1
बिहार – 1
असम – 1
छत्तीसगढ़ – 0
यानी पहले सामने आए "राजस्थान से तीन, दिल्ली से छह और महाराष्ट्र से चार" वाले आंकड़े सही नहीं हैं. तस्वीरों में दी गई तीनों सूचियों के नामों की गिनती करने पर सही आंकड़ा राजस्थान 2, दिल्ली 5 और महाराष्ट्र 2 आता है.
नितिन नबीन के लिए पहली बड़ी संगठनात्मक परीक्षा
नितिन नबीन ने जनवरी 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था. इसके बाद से उनकी राष्ट्रीय टीम के गठन का इंतजार था. करीब सात महीने बाद घोषित टीम में पार्टी ने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है.
आने वाले विधानसभा चुनाव इस टीम के सामने पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा होंगे. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े चुनावी राज्य में छह पदाधिकारियों की मौजूदगी से पार्टी की प्राथमिकता का संकेत मिलता है. वहीं छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्य से किसी नाम का नहीं होना अपने आप में एक अलग राजनीतिक संदेश जरूर पैदा करता है.