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'नो डेटा अवेलेबल' डॉक्ट्रिन से RTI खत्म- कांग्रेस

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12 अक्टू. 2025, 05:59 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

RTI Act
RTI Act

नई दिल्ली । डेस्क: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के 20 साल पूरे होने पर, कांग्रेस पार्टी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर इस कानून को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने और लोकतंत्र को खोखला करने का गंभीर आरोप लगाया है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि सरकार की 'नो डेटा अवेलेबल' (कोई डेटा उपलब्ध नहीं) की नीति के तहत नागरिकों के सूचना प्राप्त करने के अधिकार को खत्म किया जा रहा है.


कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मार्च 2023 में पारित हुए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट की अंतिम दो लाइनों ने RTI को वस्तुतः समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा, इस कानून ने RTI में संशोधन किया है, जिसके तहत यह 'व्यक्तिगत जानकारी' पर लागू नहीं होगा. रमेश ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस अधिनियम को लागू न करने और इसमें संशोधन करने की मांग की है, अन्यथा RTI पूरी तरह खत्म हो जाएगा.


RTI को कमजोर करने के आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने RTI अधिनियम को कमजोर किया है. उन्होंने 2019 के संशोधनों का हवाला दिया, जिसने सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन पर केंद्र सरकार को नियंत्रण दे दिया, जिससे उनकी स्वतंत्रता खत्म हो गई. खड़गे ने आरोप लगाया कि DPDP एक्ट ने RTI की सार्वजनिक हित की धारा को हटाकर भ्रष्टाचार को छिपाने का रास्ता खोल दिया है.


उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य आठ पदों के खाली रहने का मुद्दा भी उठाया, जिससे आयोग प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है.


जयराम रमेश ने पांच ऐसे उदाहरण भी दिए, जहां RTI के खुलासों ने आधिकारिक दावों का खंडन किया, जो सरकार की नाराजगी का कारण बने:


1-प्रधानमंत्री की डिग्री.

2-करोड़ों फर्जी राशन कार्ड होने का झूठा दावा.

3-नोटबंदी पर RBI केंद्रीय समिति की बैठकें.

4-एनपीए (NPA) डिफॉल्टर और कर्जदारों का डेटा.

5-काला धन वापस लाने पर डेटा.


कांग्रेस ने कोविड-19 मौतों, PM CARES फंड, और कई महत्वपूर्ण सरकारी डेटा (जैसे NSSO 2017-18, ASUSE 2016–2020) को छिपाने की सरकार की नीति को "नो डेटा अवेलेबल" डॉक्ट्रिन कहा.


कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 2023 के DPDP अधिनियम को लेकर आगाह किया, जिसने 'व्यक्तिगत जानकारी' के दायरे को बढ़ा दिया है, जिससे महत्वपूर्ण सार्वजनिक डेटा को निजी बताकर खुलासे से रोका जा सकता है.


कांग्रेस ने आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्याओं और व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू न करने पर सरकार की आलोचना की, और इसे सत्य की तलाश करने वालों को सुरक्षा न देने का जानबूझकर किया गया इनकार बताया.


पार्टी ने मांग की है कि सूचना आयोगों की स्वतंत्रता बहाल की जाए, DPDP एक्ट में संशोधन किया जाए, सभी खाली पदों को भरा जाए, और RTI उपयोगकर्ताओं और व्हिसल ब्लोअर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP