₹20 लाख से कम के होम लोन पर घर की नीलामी नहीं, कलकत्ता HC
कोलकाता । डेस्क: कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि 20 लाख रुपये से कम के होमलोन पर नीलामी नहीं की जा सकती है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने हाल ही में कर्जदारों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति ने 20 लाख रुपये से कम का गृह ऋण (Home Loan) लिया है, तो ऋणदाता वित्तीय संस्थान उसे वसूलने के लिए संपत्ति को सीधे तौर पर जब्त या नीलाम नहीं कर सकते.
अदालत ने जोर देकर कहा कि इतनी कम राशि के ऋण डिफॉल्ट के मामलों में 'सरफेसी एक्ट' (SARFAESI Act) लागू नहीं होता है.
यह मामला गुलाम साबिर नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से 13 लाख रुपये का ऋण लिया था. कुछ किश्तों के भुगतान के बाद, वित्तीय स्थिति बिगड़ने के कारण वे भुगतान नहीं कर सके.
इस पर कंपनी ने सरफेसी अधिनियम, 2002 का उपयोग करते हुए उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
अदालत में सुनवाई के दौरान यह तर्क दिया गया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 2020 और 2021 में जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) 20 लाख रुपये से कम के ऋण के लिए इस कठोर कानून का सहारा नहीं ले सकतीं.
हालांकि, ऋणदाता संस्था ने दलील दी कि वे एक 'हाउसिंग फाइनेंस कंपनी' हैं और उन पर NBFC वाले नियम लागू नहीं होते.
हाई कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि RBI के 2019 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFC) वास्तव में NBFC की श्रेणी में आती हैं. अतः, 20 लाख रुपये से कम के ऋण पर संपत्ति की जब्ती या नीलामी पूरी तरह से गैर-कानूनी है.
अदालत ने निर्देश दिया कि यदि कोई वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में ऋण वसूलना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से कानूनी मुकदमा दायर करना होगा, न कि सीधे संपत्ति पर कब्जा करना होगा.