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नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा का पर्चा

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05 मार्च 2026, 12:51 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

नीतीश कुमार
नीतीश कुमार

पटना | डेस्क: बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत देते हुए नीतीश कुमार ने गुरुवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. 


यह कदम ऐसे समय आया है जब नीतीश कुमार पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटकर अब संसद के उच्च सदन की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं.


करीब दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने हाल ही में मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया है. उन्होंने पिछले साल नवंबर में रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. अब वे राज्य की राजनीति से कुछ दूरी बनाकर राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने की तैयारी में हैं.


उनका यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता खुल गया है.


नामांकन के दौरान एनडीए का शक्ति प्रदर्शन


नामांकन दाखिल करते समय अमित शाह की मौजूदगी को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि एनडीए में नीतीश कुमार की भूमिका अभी भी अहम बनी रहेगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक वरिष्ठ मार्गदर्शक की तरह देखा जा सकता है.


नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को एनडीए के भीतर संतुलित संक्रमण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बिहार में नई नेतृत्व टीम को समय रहते स्थापित किया जा सके.


नामांकन दाखिल करने के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा संदेश पोस्ट किया.


उन्होंने लिखा-पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।


संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ।


मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।


संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा


अपने संदेश में उन्होंने यह भी बताया कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी एक इच्छा रही है कि वे बिहार विधानसभा के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें.


इसी आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बार राज्यसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भले ही उनकी भूमिका बदल रही हो, लेकिन बिहार के विकास के लिए उनका संकल्प और जनता से उनका रिश्ता पहले की तरह बना रहेगा.


बिहार में नए मुख्यमंत्री की संभावना


नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं तेज हो गई हैं. अब भाजपा के लिए पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता खुल सकता है.


राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा के नए कार्यकाल की शुरुआत 9 अप्रैल के बाद होगी, जब मौजूदा सदस्य सेवानिवृत्त होंगे. इसके बाद नीतीश कुमार औपचारिक रूप से राज्यसभा में प्रवेश करेंगे.


इसी बीच नीतीश कुमार के बेटे नीतीश कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. एनडीए के कुछ नेताओं का मानना है कि भविष्य में उन्हें राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री जैसे किसी पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है. 


हालांकि अभी इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.


राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकता है. 


इससे एक ओर जहां भाजपा को राज्य में नेतृत्व की नई भूमिका मिल सकती है, वहीं नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहकर गठबंधन की रणनीति और नीति निर्माण में योगदान दे सकते हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP