नेतन्याहू पर 'नरसंहार भड़काने' का आरोप, ब्रिटेन में प्रतिबंध की याचिका दायर
लंदन । डेस्क: ब्रिटेन स्थित अरब ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स इन द यूके (AOHR UK) ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ ब्रिटिश सरकार से प्रतिबंध लगाने की मांग की है. संगठन ने आरोप लगाया है कि नेतन्याहू गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भड़काने और नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं.
ब्रिटिश लॉ फर्म डाइटन पियर्स ग्लिन ने मंगलवार को फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) में AOHR UK की ओर से यह याचिका दाखिल की. याचिका में नेतन्याहू पर वित्तीय प्रतिबंध और यात्रा प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है.
याचिका में कहा गया है कि नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य को अस्वीकार करने वाले बयान दिए और बाइबिल संदर्भ 'अमालेक' का इस्तेमाल कर धार्मिक रूप से नरसंहार भड़काने वाली भाषा का उपयोग किया, जो इजरायली चरम दक्षिणपंथ में फिलिस्तीनियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है.
संगठन ने नेतन्याहू को गाजा में अवैध सैन्य अभियानों और वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियां विस्तार के लिए भी जिम्मेदार ठहराया. AOHR UK के चेयरमैन मोहम्मद जमील ने कहा, "ब्रिटेन ने पहले इजरायली चरमपंथी मंत्रियों बेजालेल स्मोट्रिच और इतामार बेन-ग्वीर पर प्रतिबंध लगाए थे. अब प्रधानमंत्री को छोड़ना विश्वसनीय नहीं है, जो इन नीतियों को अधिकृत और निर्देशित करते हैं. जवाबदेही सबसे ऊंचे पद तक पहुंचनी चाहिए."
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से इजरायल के हमलों में कम से कम 71,551 फिलिस्तीनी मारे गए और 171,372 घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र की एक जांच में नेतन्याहू और इजरायली नेतृत्व के बयानों को गाजा में नरसंहार भड़काने वाला पाया गया था.
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में दक्षिण अफ्रीका द्वारा इजरायल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाते हुए मामला चल रहा है.
ब्रिटिश सरकार ने अब तक इजरायल का समर्थन किया है और गाजा में घटनाओं को नरसंहार नहीं माना है, हालांकि उसने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दी है. यह याचिका ब्रिटेन के ग्लोबल ह्यूमन राइट्स सैंक्शंस रेजीम के तहत पहली बार किसी बैठे इजरायली नेता को निशाना बनाने की कोशिश है.