नेपाल: पुनर्निर्माण और बहाली के लिए 4.7 अरब डॉलर की जरूरत
नई दिल्ली । डेस्क: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद देश को वापस पटरी पर लाने और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 4.7 अरब अमरीकी डालर (USD 4.7 billion) की आवश्यकता होगी. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी 'रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ 2026' की रैपिड डैमेज एंड नीड्स असेसमेंट (RDNA) रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.
सरकारी आकलन के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा से कुल 2.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जिसमें 1.81 अरब डॉलर का भौतिक नुकसान और 883.32 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान शामिल है.
यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फ-चट्टान का हिमस्खलन होने के कारण आई थी, जिससे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में भयानक तबाही मची. इस बाढ़ में लगभग 1,400 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं.
भोटेकोशी नदी में आए उफान ने घरों, वाहनों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह बह बहा दिया.
रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र को सबसे भारी झटका लगा है, जिसमें 889.21 मिलियन डॉलर का भौतिक नुकसान हुआ है और हर साल 2,520 GWh जलविद्युत उत्पादन का नुकसान होने का अनुमान है.
बुनियादी ढांचा क्षेत्र कुल पुनर्निर्माण आवश्यकताओं के 65.47% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. सड़क नेटवर्क को भारी क्षति पहुंची है, जिसमें बेत्रावती-रसुवागढी मार्ग की 55 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह नष्ट हो गई है. इसके अलावा 37 मोटर योग्य पुल और 68 पैदल पुल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.
सरकार का स्पष्ट कहना है कि 4.7 अरब डॉलर की यह राशि केवल क्षतिग्रस्त संपत्तियों को बदलने की लागत नहीं है, बल्कि इसमें भविष्य की आपदाओं से बचाव और जोखिम न्यूनीकरण के उपाय भी शामिल हैं.
इसमें पूर्व चेतावनी प्रणाली और दीर्घकालिक सुरक्षा कार्यों के लिए 625.52 मिलियन डॉलर का बजट निर्धारित किया गया है. यह आकलन उपग्रह छवियों, ड्रोन सर्वेक्षणों और भू-स्थानिक डेटा के आधार पर तैयार किया गया है और पुनर्निर्माण की दिशा में एक अहम योजना दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा.