NEET-UG 2026: प्रश्न पत्र सेट करने वाले पैनल के रिटायर्ड प्रोफेसर गिरफ्तार
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रश्न पत्र सेट करने वाले पैनल से जुड़े एक सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पीवी कुलकर्णी के रूप में हुई है, जिन्हें इस पूरे लीक कांड का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है. सीबीआई ने उन्हें महाराष्ट्र के लातूर से हिरासत में लिया है.
अधिकारियों के मुताबिक, तीन दशकों से अधिक का शैक्षणिक अनुभव रखने वाले कुलकर्णी ने शुरुआत में प्रश्न पत्र को स्थानीय स्तर पर बेचने का प्रयास किया था. जब वे खरीदारों को इसकी प्रामाणिकता का भरोसा दिलाने में नाकाम रहे, तो उन्होंने एक बड़े नेटवर्क का सहारा लिया.
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया और पुणे स्थित अपने आवास पर उनके लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं.
इन विशेष कक्षाओं के दौरान कुलकर्णी ने छात्रों को विकल्पों और सही उत्तरों के साथ प्रश्न लिखवाए थे. सीबीआई के अनुसार, छात्रों ने अपनी कॉपियों में जो प्रश्न हाथ से लिखे थे, वे 3 मई को आयोजित वास्तविक परीक्षा के प्रश्न पत्र से हूबहू मेल खाते हैं. जांच एजेंसी अब प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों और विषय विशेषज्ञों से भी पूछताछ कर रही है.
यह पेपर लीक पिछले मामलों से काफी अलग है. अब तक की जांच में यह सामने आता था कि प्रश्न पत्र वितरण केंद्रों या बाहरी गिरोहों के जरिए लीक होते थे, लेकिन इस बार सेंध सीधे उस मुख्य कड़ी में लगी है जहां पेपर तैयार किया जाता है.
इस मामले में जांच की आंच अब कोचिंग संस्थानों तक भी पहुंच गई है. सीबीआई ने लातूर स्थित एक प्रमुख कोचिंग सेंटर के निदेशक से पूछताछ की है, जिसकी शाखाएं पूरे महाराष्ट्र में हैं. उनके आवास पर तलाशी के दौरान सेलफोन जब्त किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुणे कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है.
सीबीआई ने एनटीए से उन सभी हितधारकों की विस्तृत जानकारी मांगी है जिनकी पहुंच सील होने से पहले प्रश्न पत्र तक थी. इस मामले में कुलकर्णी आठवीं गिरफ्तारी हैं.
इससे पहले मनीषा वाघमारे समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वाघमारे के खाते में परीक्षा से पहले 21 विभिन्न बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर किए गए थे.
वह पुणे में एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और इस मामले के सह-आरोपी व बीएएमएस स्नातक धनंजय लोखंडे के लिए मध्यस्थ का काम कर रही थीं.
नई दिल्ली की एक विशेष सीबीआई अदालत ने लोखंडे को छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि इस लीक में शामिल एनटीए के अन्य अधिकारियों की पहचान की जा सके.