‘डॉलर पे क्लब’ नेटवर्क मार्केटिंग स्कीम से ठगी
नागपुर । डेस्क: नागपुर में ‘डॉलर पे क्लब’ नामक नेटवर्क मार्केटिंग स्कीम के जरिये एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. इस बंटी-बबली स्टाइल के रैकेट ने छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र के निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है.
पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को नेटवर्क मार्केटिंग के जरिये भारी मुनाफे का वादा करके बड़ी रकम जमा की. इस स्कीम ने कई निवेशकों को ठगा, जिनमें एक प्रमुख स्थानीय व्यवसायी भी शामिल हैं, जिन्होंने इसमें भारी निवेश किया और नुकसान उठाया. अब 14 व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है.
मुख्य आरोपी शुभम अंबादास पाटिल (मानेवाड़ा, बहादुरा नगर), उनकी पत्नी नेहा, और सहयोगी शीतल इंगले (रामटेक), उमर फारूक (हुडकेश्वर), और तुषार चव्हाण (यवतमाल) हैं. पीड़ितों में कई राज्यों के निवेशक शामिल हैं, जिन्हें ऊंचे रिटर्न के वादे से फंसाया गया.
सात राज्यों में फैला रैकेट
यह घोटाला छत्तीसगढ़ सहित सात राज्यों में फैला हुआ था, जहां निवेशकों को आकर्षक मुनाफे के झांसे में लिया गया. निवेशकों को स्कीम में पैसा जमा करने के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें उनकी रकम को दोगुना करने का दावा किया गया.
आरोपियों ने खुद को अंतर्राष्ट्रीय निवेश और अमरीका-आधारित “क्रिप्टो क्लस्टर” का प्रबंधन करने वाला बताया, दावा किया कि निवेशकों का पैसा विदेश में दोगुना हो रहा है. हालांकि, अधिकारियों को ऐसे किसी विदेशी निवेश का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला.
फर्जी ट्रस्ट वॉलेट और झूठे वादे
निवेशकों को पारदर्शिता का भ्रम देने के लिए एक फर्जी ‘ट्रस्ट वॉलेट’ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया गया. इस ऐप में निवेशकों को फर्जी डैशबोर्ड दिखाये गये, जिसमें उनके बैलेंस में वृद्धि दिखाई गई, जबकि वास्तव में उनके पैसे कथित तौर पर निजी लाभ के लिए डायवर्ट किये गये.
पुलिस ने इस मल्टी-करोड़ घोटाले की गहन जांच शुरू कर दी है. ठगी गई रकम का पता लगाने और सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिये प्रयास किए जा रहे हैं.