छत्तीसगढ़ में मोन्था चक्रवात का असर
रायपुर | संवाददाता: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘मोन्था’ का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई देने लगा है. बस्तर संभाग में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है.
कई जगहों पर खड़ी धान की फसल झुक गई है, जबकि कटाई के बाद खेतों में रखे धान के बोरे और ढेर भीगकर सड़ने लगे हैं.
कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में भारी बारिश से बड़को नाला पुलिया का एक हिस्सा बह गया, जिससे लिंगोंपथ-मर्दापाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया.
यह पुलिया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी. पानी के तेज बहाव से पुलिया का एक हिस्सा धंस गया और कुछ ही देर में बाकी हिस्सा भी टूट गया. गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
बस्तर में ठंडी हवाएं और रुक-रुक कर बारिश
दंतेवाड़ा, बीजापुर, जगदलपुर, सुकमा और नारायणपुर में पिछले दो दिनों से ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश का सिलसिला जारी है. वहीं चक्रवात के प्रभाव के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश जाने वाली दो यात्री ट्रेनें रद्द और दो ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है.
ओडिशा में तेज बारिश के कारण केके रेल लाइन पर चिमड़पल्ली के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है. पहाड़ी मिट्टी और चट्टानें रेलवे ट्रैक पर गिरने से यात्री ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है. हालांकि, मालगाड़ियों की आवाजाही जारी है ताकि औद्योगिक आपूर्ति पर असर न पड़े.
बुधवार सुबह सरगुजा संभाग में भी बारिश हुई. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई है.
रायपुर समेत कई इलाकों में सुबह तेज हवाएं चलीं.
बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है. कई जगह खेतों में खड़ी फसलें झुक गई हैं, वहीं कटाई के बाद खुले में रखी फसलें भीगने लगी हैं.
पिछले 24 घंटों में दुर्ग का अधिकतम तापमान 30.2°C और पेंड्रा का न्यूनतम तापमान 19.2°C दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर संभाग में 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. वहीं, गुरुवार यानी 30 अक्टूबर को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
हालांकि, राज्य से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया था, लेकिन मोन्था के प्रभाव से अक्टूबर में औसत से अधिक बारिश हुई है.
1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 56.2 मिमी होती है-यानी अब तक 59% अधिक वर्षा हो चुकी है.
कृषि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटाई की गई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खड़ी फसलों में जलभराव से बचाव के उपाय करें. विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
मौसम केंद्र ने 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है.
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मुंगेली.
येलो अलर्ट वाले जिले
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलौदा बाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा.
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है.