घुसपैठ पर मोदी सरकार का 'रुथलेस अप्रोच': अमित शाह
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार के सख्त और आक्रामक रुख को साफ कर दिया है. नई दिल्ली में आयोजित पहले 'लैंड बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट्स सुपरिटेंडेंट्स ऑफ पुलिस कॉन्फ्रेंस 2026' में देश के 119 सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अवैध प्रवासन जैसे 'असामान्य कारकों' के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. उन्होंने निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर दिखने वाले ऐसे किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत शीर्ष स्तर तक पहुंचाई जानी चाहिए.
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव का सबसे बड़ा कारण घुसपैठ है. सरकार इस 'अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय विकास' को पूरी तरह से रोकने के लिए एक 'क्रूर दृष्टिकोण' के साथ प्रतिबद्ध है.
इस पैटर्न का बारीकी से अध्ययन करने के लिए एक विशेष 'डेमोग्राफी मिशन' का भी गठन किया गया है. अमित शाह ने कहा कि भारत की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित और घुसपैठ-मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत 'क्वाड्रैंगल सिक्योरिटी ग्रिड' तैयार किया गया है, जिसने देश की रक्षा प्रणाली को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदल दिया है.
सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार अब अलग-थलग सीमा चौकियों की व्यवस्था से आगे बढ़कर एक एकीकृत सुरक्षा ग्रिड बनाने की ओर कदम बढ़ा रही है.
गृह मंत्री के अनुसार, भारत की सीमा सुरक्षा प्रणाली जल्द ही 'स्मार्ट बॉर्डर' के विजन पर आधारित दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में से एक होगी. इसके साथ ही, आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे.
सीमाई बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि सरकार ने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में 400% की भारी बढ़ोतरी की है और इसे पूरी तरह से वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.
इसके अलावा, 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' के जरिए सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने, रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
गृह मंत्री ने एक और बड़े फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने 31,000 करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार की 1,610 किलोमीटर लंबी सीमा पर पूरी तरह से बाड़ लगाने का निर्णय लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य छद्म युद्ध, अवैध घुसपैठ, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी, स्मगलिंग, ड्रोन के खतरों, साइबर अपराध और संगठित अपराध पर लगाम लगाना है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों को अधिक रहने योग्य और सुरक्षित बनाया जा सके.