पाकिस्तान में भारी हिंसा: सेना तैनात, कई शहरों में कर्फ्यू और 24 की मौत
इस्लामाबाद । डेस्क: ईरान के सर्वोच्च नेता आयततुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में हुई हत्या के विरोध में पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी है. रविवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 24 लोगों की जान चली गई है और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं.
स्थिति को बिगड़ते देख पाकिस्तानी सरकार ने सेना को बुला लिया है और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के गिलगित, स्कर्दू और शिगर जिलों में सोमवार तड़के से तीन दिवसीय कर्फ्यू लागू कर दिया है. प्रशासन के अनुसार, अकेले गिलगित-बाल्टिस्तान में 12 प्रदर्शनकारी और एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हुई है.
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा विशेष रूप से अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र के ठिकानों पर फूटा है. स्कर्दू में उग्र भीड़ ने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) और यूएन विकास कार्यक्रम के कार्यालयों पर हमला कर तोड़फोड़ की.
वहीं, कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शनों में 10 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए.
इस्लामाबाद में भी अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ रहे दो प्रदर्शनकारी मारे गए.
सुरक्षा कारणों से अमेरिका ने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास और कराची व लाहौर के वाणिज्य दूतावासों में वीजा नियुक्तियां रद्द कर दी हैं.
पूरे देश में अमेरिकी राजनयिक मिशनों के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इस बीच, ईरान ने खामेनेई की हत्या के जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है.