धरने पर बैठीं ममता, BJP पर लगाया 177 सीटों पर धांधली का आरोप
कोलकाता । डेस्क: कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों के विरोध में एक दिवसीय धरना शुरू कर दिया है. मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड वाई-चैनल पर आयोजित इस धरने के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की 294 सीटों में से 177 सीटों पर मतगणना में भारी धांधली की गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वह इस मुश्किल वक्त में उनका साथ कभी नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने राज्य में टीएमसी नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी, जबरन वसूली के आरोपों और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया.
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद से अब तक 12 टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान जा चुकी है और हजारों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है.
कोलकाता पुलिस द्वारा रानी रासमणि रोड पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद ममता बनर्जी ने वाई-चैनल पर ही धरना देने का फैसला किया. इस दौरान मंच या माइक्रोफोन की अनुमति न होने पर उन्होंने मेगाफोन का इस्तेमाल कर भीड़ को संबोधित किया.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं लड़ूंगी या मरूंगी." उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य दलों को इस स्थान पर राजनीतिक कार्यक्रम करने की अनुमति दी गई, तो वह अदालत का रुख करेंगी क्योंकि कानून में भेदभाव नहीं होना चाहिए.
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल को समाजकंटकों और बुलडोजर-प्रेमी राजनेताओं के हाथों में छोड़ दिया है. इसके अलावा, उन्होंने अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित जानलेवा हमले का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों पर उन्हें भर्ती न करने का दबाव बनाया गया था.
विपक्षी एकजुटता का संकेत देते हुए टीएमसी प्रमुख ने एलान किया कि जल्द ही दिल्ली में सभी गैर-भाजपा दल बैठक करेंगे और आने वाले दिनों में देशव्यापी आंदोलन की रणनीति की घोषणा की जाएगी. इस धरने के दौरान उनके साथ फिरहाद हकीम, मदन मित्रा और डेरेक ओ'ब्रायन जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.