ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के एक दिन बाद राज्य की सियासत में जबरदस्त घमासान छिड़ गया है. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से चुनावी नतीजों को जनमत मानने से इनकार कर दिया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है.
कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यह लड़ाई भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ थी, जिसने 'केसरिया दल' के पक्ष में काम किया.
ममता बनर्जी ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं और मैं राजभवन भी नहीं जाऊंगी. आधिकारिक तौर पर चुनाव आयोग के जरिए हमें हराया जा सकता है, लेकिन नैतिक रूप से जीत हमारी हुई है."
उन्होंने मतदाता सूची में धांधली और नामों को हटाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए इसे 'गंदा और शरारती खेल' करार दिया.
गौरतलब है कि भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है, जिससे बंगाल में टीएमसी का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया है.
जहां एक ओर भाजपा 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी कर रही है, वहीं ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि वे कानूनी और राजनीतिक रूप से इस लड़ाई को जारी रखेंगी.
उन्होंने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के नेताओं के साथ एकजुटता का दावा करते हुए खुद को अब एक 'स्वतंत्र पंछी' बताया है और कहा है कि वे अब गठबंधन को मजबूत करने के लिए पूरे देश में काम करेंगी.
टीएमसी इस मामले को अब कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ले जाने की योजना बना रही है, जिससे राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया के बीच कानूनी टकराव की स्थिति पैदा हो गई है.