महानदी ट्रिब्यूनल में सुनवाई: ओडिशा और छत्तीसगढ़ समाधान की दिशा में बढ़े
नई दिल्ली । डेस्क: महानदी नदी के जल बंटवारे और संबंधित परियोजनाओं को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने वाले महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई की.
सुनवाई के दौरान ओडिशा के महाधिवक्ता पिताम्बर आचार्य ने ट्रिब्यूनल को बताया कि दोनों राज्य विवाद के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत हैं. ट्रिब्यूनल को सूचित किया गया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के शीर्ष नेतृत्व के बीच 28 अक्टूबर को एक उच्च स्तरीय बैठक निर्धारित की गई है. इस बैठक में जल बंटवारे के अलावा दोनों राज्यों के बीच चल रही और आगामी परियोजनाओं की मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
सूत्रों ने पुष्टि की कि दोनों राज्यों ने आईबी परियोजना और लोअर सुक्तेल जल परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई है, जो पहले केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) से मंजूरी का इंतजार कर रही थीं. यह आपसी समझौता तनाव कम करने और प्रमुख सिंचाई तथा जल प्रबंधन पहलों को सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है.
ट्रिब्यूनल ने भी जोर दिया कि दोनों राज्यों का सहयोग नदी के समान जल बंटवारे और लंबित परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक है. हालिया विकासों के साथ, महानदी जल विवाद के लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों का व्यावहारिक समाधान होने की सतर्क आशावाद है.
अगली सुनवाई 15 नवंबर को निर्धारित की गई है, जिसमें जल बंटवारा, परियोजना मंजूरी और कार्यान्वयन के समयसीमा पर आगे की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों ने ट्रिब्यूनल में रचनात्मक संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है.