LPG Price Hike: केंद्र के 'पर्याप्त स्टॉक' के दावे पर उठाए सवाल
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेजी का सीधा असर अब भारतीय रसोई पर पड़ने लगा है. शनिवार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹114.5 की भारी बढ़ोतरी की गई.
इस वृद्धि के तुरंत बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार आम जनता को राहत देने में पूरी तरह लाचार है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम थीं, तब उसका लाभ जनता को नहीं दिया गया और अब महंगाई का बोझ बढ़ा दिया गया है.
विपक्षी नेताओं ने विशेष रूप से सरकार के उस हालिया दावे को चुनौती दी है जिसमें देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही गई थी.
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि अगर गैस की कोई कमी नहीं थी, तो कीमतें इतनी अचानक क्यों बढ़ाई गईं?
उन्होंने इसे "आपदा में अवसर" तलाशने जैसा बताया.
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वृद्धि को भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी का परिणाम करार देते हुए कहा कि एक बार जब कीमतें बढ़ जाती हैं, तो वे कभी नीचे नहीं आतीं.
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी और महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने भी इस वृद्धि को "शर्मनाक" बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है. विपक्ष का तर्क है कि सरकार को पिछले मुनाफे का उपयोग करके जनता को इस वैश्विक संकट से बचाना चाहिए था.