झारखंड शराब घोटाला: महाराष्ट्र, गुजरात से 7 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ से कनेक्शन
रांची । डेस्क: झारखंड के बहु-करोड़ी शराब घोटाले में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक बड़ी सफलता मिली है. ACB ने महाराष्ट्र और गुजरात में समन्वित ऑपरेशन के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति विज़न (Vision) और मार्शल (Marshall) कंपनियों से जुड़े हैं, ये वही दो फर्म हैं जिनकी फर्जी बैंक गारंटी से यह घोटाला सामने आया था.
इस मामले का छत्तीसगढ़ कनेक्शन भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस केस की शुरुआत रांची के एक निवासी विकास सिंह के बयान पर हुई थी. विकास सिंह ने ही पहले छत्तीसगढ़ के अधिकारियों, जिनमें अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और अन्य शामिल थे, पर शराब घोटाले के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार को अरबों रुपये के राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था.
प्रमुख गिरफ्तारियाँ और कंपनियाँ
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में महेश शेंगे, जगन देसाई, कमल देसाई, शीतल देसाई, और बिपिन परमार शामिल हैं. ये सभी आरोपी विज़न और मार्शल कंपनियों से जुड़े हैं. इन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया जा रहा है और ACB की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.
मामले की प्रगति
इस मामले में पहले भी कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, जिनमें वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे, प्रमुख छत्तीसगढ़-आधारित व्यवसायी सिद्धार्थ सिंघानिया, झारखंड के IAS अधिकारी अमित प्रकाश, और प्रिज्म होलोग्राफी के निदेशक विधु गुप्ता शामिल थे. हालांकि, चार्जशीट दाखिल करने में ACB की देरी के कारण ये सभी जमानत हासिल करने में कामयाब रहे थे.
यह केस ACB में केस संख्या 9/2025 के रूप में दर्ज है. अधिकारियों ने पुष्टि की कि एजेंसी ने पिछले महीने ही इन सात आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिए थे.
छत्तीसगढ़ में दर्ज FIR (36/2024) के बाद, रांची ACB ने भी एक प्रारंभिक जाँच (PI) दर्ज की थी, जिसके आधार पर बाद में सरकार की मंजूरी से एक नियमित FIR दर्ज की गई.