कोरबा: 'सुशासन तिहार' में 40 हजार की रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 'सुशासन तिहार' के तहत आयोजित एक जनसमस्या निवारण शिविर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने वहां खुलेआम चल रहे घूसखोरी के खेल का पर्दाफाश किया. पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित समाधान शिविर के दौरान बिलासपुर ACB की टीम ने दबिश देकर सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए की नकदी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
शासकीय शिविर के भीतर हुई इस अप्रत्याशित कार्रवाई से वहां मौजूद प्रशासनिक अमले और अधिकारियों में हड़कंप मच गया.
मिली जानकारी के अनुसार, एक सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ (GPF) पासबुक में प्रविष्टि कराने के लिए इस समाधान शिविर में पहुंचे थे. वहां तैनात बाबू प्रदीप मिश्रा ने इस सीधे-साधे काम को करने के बदले पीड़ित शिक्षक से भारी-भरकम रकम की मांग की थी.
बाबू की प्रताड़ना से तंग आकर पूर्व शिक्षक ने इसकी गोपनीय शिकायत बिलासपुर भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो से कर दी. भ्रष्टाचार की शिकायत की पुष्टि होने के बाद, ACB के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) अजीत सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष जाल बिछाया गया.
शुक्रवार को जैसे ही पीड़ित शिक्षक तय रणनीति के तहत रिश्वत की रकम सौंपने बाबू के पास पहुंचे, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात ACB की टीम ने प्रदीप मिश्रा को धर दबोचा. ब्यूरो के अधिकारियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लिया और वहीं के एक शासकीय कक्ष में ले जाकर प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी.
अचानक हुए इस घटनाक्रम से शिविर में मौजूद अन्य विभागों के कर्मचारी सन्नाटे में आ गए.
जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा का पुराना रिकॉर्ड भी दागदार रहा है और वह पहले भी वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों में घिर चुका है. इसके बावजूद वह अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा था और छोटे-छोटे कामों के लिए भी आवेदकों को परेशान करता था.
'सुशासन' को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस विशेष सरकारी मंच पर ही घूसखोरी का यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा और राजस्व विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है.
ACB के अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे मामले की कड़ियां अन्य लोगों से भी जुड़ी हो सकती हैं. फिलहाल ब्यूरो ने आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उसे अपनी कस्टडी में ले लिया है, और आगे की वैधानिक छानबीन जारी है.