केरल: CPM नेता और आर्कबिशप के बीच नोकझोंक
कन्नूर । डेस्क: केरल में सत्तारूढ़ CPI(M) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन और थालास्सेरी आर्कबिशप जोसेफ पम्पलानी के बीच तीखा विवाद छिड़ गया है. गोविंदन ने आर्कबिशप पर अवसरवादिता का आरोप लगाया, जिसके जवाब में कैथोलिक चर्च ने उनकी टिप्पणियों को "अपमानजनक" करार देते हुए कड़ा विरोध जताया.
थालास्सेरी आर्कबिशप ने छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार और संघ परिवार की "असंवैधानिक" कार्रवाइयों का विरोध किया है.
आर्कबिशप ने इस मामले में अपनी स्थिति में किसी भी बदलाव के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी प्रतिक्रिया हमेशा स्पष्ट और दृढ़ रही है. देर रात जारी एक बयान में, थालास्सेरी आर्कडायोसीस ने गोविंदन की टिप्पणियों को "फासीवादी ताकतों" की तरह बताया और कहा कि यह एक छिपी हुई तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है.
बयान में आगे कहा गया, "अपने चरित्र की कमियों को दूसरों को आंकने का पैमाना न बनाएं."
गोविंदन ने सोमवार को तालिपराम्बा में एक एनजीओ यूनियन कार्यक्रम में बोलते हुए आर्कबिशप की आलोचना की थी.
उन्होंने कहा, "जब छत्तीसगढ़ में ननों को गिरफ्तार किया गया, तब उन्होंने बीजेपी के खिलाफ बोला. जब जमानत मिली, तो उन्होंने अमित शाह और अन्य की प्रशंसा की. पादरी तो केक लेकर भी गए. इस तरह के मिजाज के साथ न तो ईसाई, न मुस्लिम, और न ही कम्युनिस्ट बच पाएंगे."
गोविंदन ने यह भी दावा किया कि आर्कबिशप बार-बार अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलते रहते हैं.