कर्रेगुट्टा पहाड़ियों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा
हैदराबाद । डेस्क: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर माओवादियों के गढ़ रहे कर्रेगुट्टा पहाड़ियों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित मुलुगु जिले के पमनूर के पास दो नए बेस कैंप स्थापित किए हैं.
सीआरपीएफ के महानिरीक्षक विक्रम ने बताया कि इन बुनियादी ढांचों के निर्माण से दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की परिचालन पहुंच बढ़ेगी.
विशेष रूप से, कर्रेगुट्टा पहाड़ियों को, जो कभी माओवादियों का मजबूत गढ़ हुआ करती थीं, अब एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है.
क्षेत्र में पहुंच सुधारने के लिए सुरक्षा बलों ने महज दो महीने के भीतर वाजेदु मंडल के मुरुमुरु से कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया है.
उल्लेखनीय है कि इस साल अप्रैल और मई के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए 21 दिवसीय विशेष अभियान में 31 माओवादियों को ढेर किया गया था.
इन नए बेस कैंपों की स्थापना से न केवल माओवादी गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों तक आवश्यक सेवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित होगी.
इसके अतिरिक्त, सीआरपीएफ इस क्षेत्र को फॉरेस्ट वारफेयर क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी विचार कर रही है.