जस्टिस रजनी दुबे 29 जून को होंगी सेवानिवृत्त
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस रजनी दुबे आगामी 29 जून को सेवानिवृत्त होने जा रही हैं. उनके सम्मान में बिलासपुर स्थित मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट रूम में एक विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा.
30 जून 1964 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मी जस्टिस रजनी दुबे का न्यायपालिका से बेहद गहरा और पारिवारिक नाता रहा है. उनके पिता भी जिला न्यायाधीश थे और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए थे.
जस्टिस दुबे ने मंडला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज से स्नातक करने के बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से कानून (एलएलबी) की डिग्री हासिल की. 3 जुलाई 1987 को मध्य प्रदेश राज्य बार काउंसिल में बतौर अधिवक्ता पंजीकृत होने के बाद उन्होंने मई 1990 तक जबलपुर के जिला न्यायालय और हाईकोर्ट में वकालत की. इसके बाद वे सिविल जज के रूप में चुनी गईं.
अपने लंबे और शानदार न्यायिक करियर में उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं. वह सागर, जबलपुर और बिलासपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहीं.
इसके अलावा उन्होंने रायपुर में सीबीआई की विशेष न्यायाधीश, राजनांदगांव में पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश, बलौदाबाजार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में रजिस्ट्रार (सतर्कता) जैसे प्रतिष्ठित पदों की जिम्मेदारी संभाली.
18 जून 2018 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था, जिसके बाद 11 मई 2020 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. अब करीब छह साल के सफल कार्यकाल के बाद वे उच्च न्यायालय से विदा ले रही हैं.