भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में 1 मई से शुरू होगी जंगल सफारी
कवर्धा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में आगामी 1 मई से पर्यटकों के लिए 'जंगल सफारी' की शुरुआत होने जा रही है. मैकल पर्वत शृंखला की गोद में बसे इस अभयारण्य में पर्यटक अब पहाड़ों, नदियों और घने जंगलों के बीच वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे.
वन विभाग ने सफारी के लिए करीब 35 किलोमीटर का ट्रैक तैयार कर लिया है. वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि सफारी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. छत्तीसगढ़ के वन मंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 27 या 28 अप्रैल को इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद 1 मई से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
इस सफारी की सबसे खास बात इसका रूट है, जो प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर के पास से होकर गुजरता है. इससे पर्यटक धार्मिक दर्शन के साथ-साथ प्राकृतिक रोमांच का आनंद भी ले सकेंगे.
सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार करियाआमा गांव के पास बनाया गया है, जहाँ सुरक्षा के लिए हाई-टेक स्कैनर और टिकट वेरिफिकेशन सिस्टम लगाया गया है.
352 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, जैसे ऊंची पहाड़ियों और नदी-नालों को पार करने के लिए विभाग ने विशेष आधुनिक वाहनों की व्यवस्था की है. इसके अलावा, पर्यटकों की सुविधा के लिए फोटोग्राफी पॉइंट्स और खान-पान के विशेष इंतजाम भी किए गए हैं.