इजरायली हिरासत में पत्रकारों पर जुल्म: यौन हिंसा और टॉर्चर का खुलासा
नई दिल्ली । डेस्क: अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार अधिकार समूह 'कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स' (CPJ) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में इजरायली हिरासत में बंद फिलिस्तीनी पत्रकारों के साथ अमानवीय व्यवहार का खुलासा हुआ है. 19 फरवरी को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2023 के बाद जेल में डाले गए 59 पत्रकारों में से लगभग सभी ने टॉर्चर, मारपीट और यौन हिंसा का सामना करने की बात कही है.
पत्रकारों ने गवाही दी है कि उन्हें न केवल बिजली के झटके दिए गए और तनावपूर्ण स्थितियों में घंटों खड़ा रखा गया, बल्कि दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदातों को भी अंजाम दिया गया.
रिपोर्ट में मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना का भी जिक्र है, जिसमें पत्रकारों के परिवारों को जान से मारने की धमकियां दी गईं और उन्हें लंबे समय तक सोने नहीं दिया गया.
कई पत्रकारों ने बताया कि उन्हें चिकित्सा सुविधा से वंचित रखा गया और सड़ा हुआ खाना खाने को मजबूर किया गया, जिसके कारण उनका वजन औसतन 23 किलो तक कम हो गया है.
'कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स' की क्षेत्रीय निदेशक सारा कुदाह ने इन घटनाओं को एक सोची-समझी रणनीति बताया है, जिसका उद्देश्य पत्रकारों को डराना और उन्हें सच बोलने से रोकना है.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ कड़ी जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है.